फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Cabinet Decision Now drone cameras will keep an eye on river dredging videography will also done

Cabinet Decision: उत्तराखंड में अब रिवर ड्रेजिंग पर रहेगी ड्रोन कैमरे की नजर, वीडियोग्राफी भी होगी

Wed, 24 Jan 2024 10:46 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 24 Jan 2024 10:46 PM IST
सार

कैबिनेट ने उत्तराखंड रिवर ड्रेजिंग नीति में इस संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। मुख्यमंत्री अपने विशेषाधिकार के तहत पहले ही इसकी अनुमति दे चुके थे।

विज्ञापन
Uttarakhand Cabinet Decision Now drone cameras will keep an eye on river dredging videography will also done
ड्रोन - फोटो : pixabay(प्रतीकात्मक तस्वीर)

विस्तार

उत्तराखंड की नदियों में रिवर ड्रेजिंग के तहत होने वाले खनन कार्यों पर अब ड्रोन कैमरे की नजर रहेगी। इस पूरे कार्य की वीडियोग्राफी करानी होगी। अवैध खनन रोकने और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने के लिए उत्तराखंड रिवर ड्रेजिंग नीति में इस संशोधन प्रस्ताव को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दे दी गई। मुख्यमंत्री अपने विशेषाधिकार के तहत पहले ही इसकी अनुमति दे चुके थे।

विज्ञापन


संशोधन के मुताबिक, ड्रेजिंग कार्यों के लिए मशीनों का प्रयोग हो सकेगा। प्रत्येक एक महीने में अनुज्ञा समाप्ति पर स्वीकृत अनुमति क्षेत्र का ड्रोन फोटग्राफ की एक प्रति जिलाधिकारी कार्यालय, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय व जिला कार्यालय में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। ड्रोन तस्वीरों में किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।
विज्ञापन


Uttarakhand: कैबिनेट की दूसरी बैठक में भी पास नहीं हो पाई आबकारी नीति, बदलाव करने के निर्देश
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके अलावा रिवर ड्रेजिंग नीति के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति मलबा, आरबीएम, सिल्ट निकालने के लिए छह माह की अनुमति देने का प्रावधान था। लेकिन अब ऐसे लंबित मामले, जिनमें अनुज्ञा प्राप्त करने वह व्यक्ति जिसने सारी रायल्टी जमा कर दी है, उसे तीन माह की तक की अनुमति प्रदान की जा सकती है। ऐसे मामलों पर विचार किया जा सकेगा, जिनमें उपखनिज की निकासी का कार्य अपरिहार्य कारणों की वजह से समय पर शुरू नहीं किया जा सका हो।

पूर्व में आवेदन करने वालों को मिली राहत
कैबिनेट ने स्टोन क्रशर, स्क्रीनिंग प्लांट, मोबाइल स्टोन क्रशर, मोबाइल स्क्रीनिंग प्लांट, पल्वराइजर प्लांट, हॉट मिक्स प्लांट, रेडिमिक्स प्लांट की नीति 2021 से पूर्व आवेदन करने वालों को दूरी संबंधी मानकों में छूट दी है। उन पर 2020 की नीति में निर्धारित मानक ही लागू होंगे। यह सुविधा उन्हीं को मिलेगी, जिन्होंने जिलाधिकारी की सिफारिश से अपने प्रस्ताव खनन विभाग व शासन को प्रस्तुत कर दिए हैं।

ढांचे में बढ़ाए सात पद
कैबिनेट ने भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के पुनर्गठित ढांचे में सात अतिरिक्त पद को स्वीकृति प्रदान की है। खनन अधिकारियों के पद मिलने से विभाग को अवैध खनन पर शिकंजा कसने में मदद मिलेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed