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Cabinet Decision: उत्तराखंड में बिल्डर शेल्टर फंड में जमा कराएंगे पैसा, प्राधिकरण बनाएंगे गरीबों के आशियाने
Thu, 22 Feb 2024 04:01 AM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 22 Feb 2024 04:01 AM IST
सार
अभी तक 5000 वर्गमीटर से अधिक भूमि पर आवास परियोजना बनाने वाले बिल्डरों को 15 प्रतिशत हिस्से में गरीबों के लिए आशियाने बनाने का नियम था।
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घर
- फोटो : Istock(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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विस्तार
उत्तराखंड में अब 5000 वर्गमीटर से अधिक भूमि पर आवास बनाने वाले बिल्डरों को 15 प्रतिशत गरीबों के आशियाने बनाने के बजाए इसका पैसा शेल्टर फंड में जमा कराना होगा। इस रकम से प्राधिकरण गरीबों के आशियाने बनाएंगे। वहीं, ईडब्ल्यूएस आवासों को 12 मीटर के बजाए चार मंजिल बनाने पर भी कैबिनेट ने मुहर लगा दी है।
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अभी तक 5000 वर्गमीटर से अधिक भूमि पर आवास परियोजना बनाने वाले बिल्डरों को 15 प्रतिशत हिस्से में गरीबों के लिए आशियाने बनाने का नियम था। कैबिनेट ने इसके संशोधन को मंजूरी दे दी। अब ऐसी परियोजनाओं के बिल्डरों को इसके बदले में रकम प्राधिकरण के शेल्टर फंड में जमा करानी होगी।
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इस रकम से प्राधिकरण गरीबों के आशियाने बनाएगा। दूसरी ओर, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए आवासों की ऊंचाई अभी तक 12 मीटर थी, जिसे चार मंजिल तक बढ़ाने पर कैबिनेट ने इस शर्त के साथ मंजूरी दी है कि विकासकर्ता को यहां लिफ्ट लगानी होगी और 20 साल तक उसका मेंटिनेंस करना होगा। दूसरी ओर, कैबिनेट ने रेरा एक्ट के संशोधन को भी मंजूरी दी, जिसके तहत अब शुल्क जमा कराने का प्रमाण जमा कराना होगा।