कैबिनेट में समाज कल्याण के लिए खुला पिटारा
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समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कई अहम निर्णय लिए। उन्होंने निर्देश दिए कि अब केवल प्रदेश में काउंसिलिंग के माध्यम से कालेजों में प्रवेश पाने वाले ओबीसी के छात्रों को ही छात्रवृत्ति दी जाए।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि बालगृह, शिशुगृह व नारी निकेतन को बेहतर बनाने के लिए अलग से कल्याण बोर्ड गठित होगा। मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्तियों के लिए देहरादून, हरिद्वार व ऊधमसिंहनगर में मानसिक गृह बनेंगे।
कम्प्यूटर ऑपरेटर की तैनाती
विकास खंड स्तर पर समाज कल्याण से संबंधित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए एडीओ व प्रत्येक ब्लॉक में आउट सोर्सिंग के माध्यम से कम्प्यूटर ऑपरेटर की तैनाती होगी।
मेडिकल कॉलेजों के लिए विशेष प्लान
सीएम ने कहा कि भगवानपुर व पिथौरागढ में स्थापित होने वाले मेडिकल कालेजों के लिए विशेष कम्पोनेंट प्लान (एसीपी) से धनराशि मिलेगी।
बाबू जगजीवन राम, जयानंद भारती व हरिप्रसाद टम्टा के नाम पर विशेष विद्यालय स्थापित होंगे। बाल गृह, नारी निकेतन के अंर्तगत प्रोबेशन के दौरान प्रशिक्षण, स्वास्थ्य सुविधा, सुरक्षा के लिए आजीविका के साधन उपलब्ध कराने, ऋण व अनुदान आदि की व्यवस्था करने के लिए के लिए कल्याण बोर्ड गठित होगा।
योजनाओं की राशि बढ़ेगी
सीएम ने एससी, एसटी व ओबीसी और विकलांगो के लिए संचालित स्वरोजगार योजना की सीमा को 50 हजार से 15 लाख रुपए करने के आदेश दिए।
केंद्र को प्रस्ताव भेजेगी सरकार
एससी, एसटी, ओबीसी व विकलांगों के लिए संचालित ऋण योजना के चयन में वार्षिक आय सीमा ग्रामीण क्षेत्रों में 15,976 व शहरी क्षेत्रों में 21,206 रुपए है। अब इसे बढ़ाकर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के लिए अब 1,05,000 रुपए किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि बहुउद्देशीय वित्त विकास निगम के आय के कोई साधन नहीं है व राज्य सरकार द्वारा निगम के संचालन के लिए अधिष्ठान मद में किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता प्रदान नहीं की जाती है, लेकिन अब राष्ट्रीय वित्त विकास निगम से 5 करोड़ रुपए का प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा।
बैठक में समाज कल्याण मंत्री सुरेंद्र राकेश, मुख्य सचिव सुभाष कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह संधू, प्रमुख सचिव समाज कल्याण एस राजू समेत कई अफसर मौजूद रहे।
सरकार ने लिए ये विशेष फैसले
विकलांग की पुत्री की शादी के लिए सरकार की तरफ से मदद के तौर पर अब दस के बजाय 25 हजार रुपए दिए जाएंगे।
परित्यक्ता महिला को भी परिवारिक पेंशन मिलेगी और उसकी पुत्री की शादी के लिए 50 हजार रुपए दिए जाएंगे।
आजीविका पालन के दौरान अशक्त व्यक्तियों को अशक्तता पेंशन मिलेगी।