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Uttarakhand Budget: चार हजार किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल से आसान होगी राह, तेजी से होंगे जनता के काम
Wed, 15 Jun 2022 12:52 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 15 Jun 2022 12:52 PM IST
सार
वित्त मंत्री बजट अभिभाषण में ई-सेवाओं पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के दूर दराज के कार्यालयों, स्कूल, थाने व अन्य सरकारी संस्थानों तक ई-गवर्नेंस सेवाएं मजबूत बनाने के लिए इस साल 4000 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जाएगी। पेपरलेस कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने के लिए सरकार डाटा लेक प्रणाली पर काम कर रही है।
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वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तकनीक के इस दौर में हर गांव-मोहल्ले तक सरकारी सुविधाओं और योजनाओं की पहुंच आसान करने के साथ ही सस्ती ब्रॉडबैंड सेवाएं देने पर बजट में फोकस दिखा। एक ओर जहां चार हजार किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछेगी तो दूसरी ओर केंद्र सरकार से भारत नेट फेज-2 परियोजना पर भी काम होगा।
वित्त मंत्री बजट अभिभाषण में ई-सेवाओं पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के दूर दराज के कार्यालयों, स्कूल, थाने व अन्य सरकारी संस्थानों तक ई-गवर्नेंस सेवाएं मजबूत बनाने के लिए इस साल 4000 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जाएगी। पेपरलेस कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने के लिए सरकार डाटा लेक प्रणाली पर काम कर रही है।
ड्रोन को बढ़ावा देने के लिए नए एप्लीकेशन बनाए जा रहे हैं। साथ ही युवाओं को ड्रोन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। प्रदेश में सचिवालय के अलावा 26 विभागों में ई-ऑफिस सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। इस साल अन्य विभागों में भी इसकी शुरुआत की जाएगी। अपणि सरकार पोर्टल के तहत नौ विभागों की 64 सेवाएं जनता के लिए ऑनलाइन हो चुकी हैं, जिसमें और बढ़ोतरी की जाएगी।
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सात लाख से अधिक डिजिलॉकर बन चुके हैं, जिसमें निवास, आय, जाति, चरित्र, हैसियत, पेंशन स्कीम, परिवार रजिस्टर, कक्षा 10वीं, 12वीं के प्रमाणपत्र भी उपलब्ध हैं। ई-सेवाओं को साइबर सुरक्षा देने के लिए साइबर क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान और क्रिटिकल इंफोर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर गाइडलाइन को सरकार मंजूरी दे चुकी है। इसके साथ ही भारत नेट फेज-2 परियोजना को भी केंद्र से सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है, जिस पर राज्य सरकार काम करने को उत्साहित है।
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वित्त मंत्री बजट अभिभाषण में ई-सेवाओं पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के दूर दराज के कार्यालयों, स्कूल, थाने व अन्य सरकारी संस्थानों तक ई-गवर्नेंस सेवाएं मजबूत बनाने के लिए इस साल 4000 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जाएगी। पेपरलेस कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने के लिए सरकार डाटा लेक प्रणाली पर काम कर रही है।
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ड्रोन को बढ़ावा देने के लिए नए एप्लीकेशन बनाए जा रहे हैं। साथ ही युवाओं को ड्रोन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। प्रदेश में सचिवालय के अलावा 26 विभागों में ई-ऑफिस सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। इस साल अन्य विभागों में भी इसकी शुरुआत की जाएगी। अपणि सरकार पोर्टल के तहत नौ विभागों की 64 सेवाएं जनता के लिए ऑनलाइन हो चुकी हैं, जिसमें और बढ़ोतरी की जाएगी।
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सात लाख से अधिक डिजिलॉकर बन चुके हैं, जिसमें निवास, आय, जाति, चरित्र, हैसियत, पेंशन स्कीम, परिवार रजिस्टर, कक्षा 10वीं, 12वीं के प्रमाणपत्र भी उपलब्ध हैं। ई-सेवाओं को साइबर सुरक्षा देने के लिए साइबर क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान और क्रिटिकल इंफोर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर गाइडलाइन को सरकार मंजूरी दे चुकी है। इसके साथ ही भारत नेट फेज-2 परियोजना को भी केंद्र से सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है, जिस पर राज्य सरकार काम करने को उत्साहित है।