उत्तराखंड बजट सत्र: विधायकों के लिए बन गई लॉबी, टेबल पर इंस्टाल हो गए टैबलेट, देखें स्पेशल इंटरव्यू
सदन के भीतर सभी सदस्यों के लिए टैबलेट लगाए गए हैं, जिस पर विधानसभा से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध होंगी। ई-विधानसभा के तहत भविष्य में सदन का पूरा कामकाज पेपरलेस हो जाएगा।
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राजधानी में मंगलवार से शुरू होने जा रहे विधानसभा बजट सत्र में इस बार नजारा बदला-बदला दिखेगा। भीतर प्रवेश करते ही राज्य की सांस्कृतिक झलक मिलेगी तो विधायकों के लिए आरामदायक लॉबी होगी। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने टीम अमर उजाला को दिए विशेष साक्षात्कार में इन बदलावों कोे विस्तार से साझा किया।
उन्होंने कहा कि विधानसभा मंडप में प्रवेश से ठीक पहले दायीं ओर राज्य के नक्शे के नीचे राज्य शहीद आंदोलनकारियों की याद में शौर्य दीवार बनाई गई है। दीवार पर दूसरी ओर, राज्य पुष्प, पक्षी, पशु की सुंदर तस्वीरें दिखेंगी। ऊपर गुंबद पर ऐपण कला की झलक दिखेगी जो कि महिलाओं के समूह ने तैयार किया है। पद्मश्री जयप्रकाश के हाथों की कलाकारी यहां लगे पोट्रेट से नजर आएगी।
सदन के भीतर सभी सदस्यों के लिए टैबलेट लगाए गए हैं, जिस पर विधानसभा से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध होंगी। ई-विधानसभा के तहत भविष्य में सदन का पूरा कामकाज पेपरलेस हो जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण का कहना है कि केंद्र व राज्य सरकार की ये पहल पर्यावरणीय संरक्षण की भी है, जिससे बड़ी मात्रा में पेपर की बचत होगी। ई-विधानसभा के लिए सत्र से पहले रोजाना विधायकों को एक घंटे के प्रशिक्षण का मौका भी मिलेगा, जिससे आसानी से इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकें।
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अभी तक सत्र के दौरान प्रदेशभर से आए विधायकों को बैठने में परेशानी होती थी। मंडप के बाहर एक विशाल लॉबी तैयार की गई है, जिसमें विधायक आराम से बैठकर अपने काम करने के साथ ही सदन की कार्यवाही बाहर लगी स्क्रीन पर भी देख सकेंगे। विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय से जुड़ा एक मीटिंग कक्ष भी तैयार किया गया है, जिसमें सभी बैठकें होंगी।
कुर्सी की जिम्मेदारी के सामने थकान का सवाल ही नहीं
एक सवाल के जवाब में विस अध्यक्ष ने कहा कि सत्र के दौरान थकावट का सवाल ही नहीं उठता। ये मेरा दायित्व, कर्तव्य व धर्म है। अगर मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है तो उस कुर्सी के प्रति मेरा भी दायित्व बनता है कि पूरी गंभीरता व लगन से निर्वहन करूं। उन्होंने कहा कि वे इन पलों को इंज्वाय करती हैं। वे विधायकों की बहस, बातचीत को सुनती हैं। कोई दबाव या तनाव महसूस नहीं करती। उन्होंने कहा कि ईश्वर खुद ही इतनी ताकत दे देता है।
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