Uttarakhand Budget Session: पहले दिन राज्यपाल ने रखा विकास का रोडमैप, कहा- पांच साल में दोगुनी करेंगे जीडीपी
Uttarakhand Budget Session 2023 Update: 16 पन्नों के अभिभाषण में राज्यपाल ने धामी सरकार के भावी विकास का विजन रखा। उन्होंने कहा कि सरकार सशक्त उत्तराखंड के लिए काम कर रही है।
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ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण में राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह (सेनि) के अभिभाषण के साथ विधानसभा के बजट सत्र का आगाज हो गया। इस दौरान सदन के बाहर और भीतर विपक्षी सदस्यों ने जमकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया। राज्यपाल के पूरे भाषण के दौरान कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते रहे। आखिर में राज्यपाल को विपक्षी सदस्यों से शांत रहने की अपील करनी पड़ी। इस पर विपक्षी सदस्य कुछ देर शांत हुए लेकिन उन्होंने फिर नारेबाजी शुरू कर दी। बजट पढ़ते समय राज्यपाल ने कई बार पानी पिया। इस बीच नेता सदन पुष्कर सिंह धामी के साथ सत्ता पक्ष के सभी सदस्यों ने बीच-बीच में जमकर मेज थपथपा कर विपक्षी सदस्यों के नारों की आवाज को दबाने की कोशिश की।
Uttarakhand Budget Session 2023: विपक्ष के तीरों से निपटने का कवच बना रही धामी सरकार, ये बनाई रणनीति
16 पन्नों के अभिभाषण में राज्यपाल ने धामी सरकार के भावी विकास का विजन रखा। उन्होंने कहा कि सरकार सशक्त उत्तराखंड के लिए काम कर रही है। पीएम नरेंद्र मोदी के विश्वास के अनुरूप 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। आगामी पांच वर्षों में उत्तराखंड के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) को दोगुना किया जाएगा।
विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उन्होंने अभिभाषण में विभागवार चल रही विकास योजनाओं को रखा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को देश का अग्रणीय राज्य बनाने के लिए सशक्त उत्तराखंड के विजन पर काम किया जा रहा है। नीति आयोग की तर्ज पर स्टेट इंस्टीट्यूट फॉर एम्पावरिंग एंड ट्रांसफार्मिंग उत्तराखंड(सेतु) बनाया जा रहा है। राज्य के आर्थिक विकास को गति देने के लिए उत्तराखंड अवस्थापना निवेश विकास बोर्ड बनाया जा रहा है। प्रभारी मंत्री, प्रभारी सचिव, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी ग्राम चौपाल में जा रहे हैं और उनके रात्रि प्रवास की नई पहल की गई है।
राज्यपाल ने रखा सरकार के विकास का रोडमैप
-हरियाणा सरकार की तर्ज पर परिवार पहचानपत्र तैयार हो रहे हैं।
-जैविक उत्पादों के बाजार के लिए सभी जिलों में जैविक आउटलेट खोले जाएंगे।
-गोट वैली के बाद अब पांच जिलों में कुक्कुट वैली योजना शुरू हो रही है।
- पहली बार नेशनल डिजिटल लाइव स्टेक मिशन योजना यूएसनगर, चंपावत, देहरादून हरिद्वार में शुरू।
-गंगा गाय महिला डेयरी योजना के तहत दुधारू पशु इकाई बनाने के लिए अब 75 प्रतिशत अनुदान मिलेगा।
-छोटी नदियों व गदेरों में जलसंवर्द्धन के लिए चैक डैम व स्टॉप डैम बनाए जा रहे हैं।
-टनकपुर में अत्याधुनिक सैनिक विश्राम गृह बनाया जा रहा है।
-मानसखंड मंदिर माला मिशन योजना के तहत 48 में से पहले चरण में 16 मंदिरों की अवस्थापना सुविधा विकसित होगी।
-चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और दर्शन के लिए टोकन व स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था होगी, यात्रियों को एक घंटे से अधिक इंतजार नहीं करना होगा।
-जागेश्वर महासू देवता का मास्टर प्लान के तहत विकास होगा
-साहसिक गतिविधियों के लिए 20 नए स्थलों का विकास होगा।
-गांवों के विकास ग्राम पंचायत संतृप्तीकरण योजना शुरू होगी।
-निवेश को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन नीति आएगी।
-देहरादून में 1050 वाहनों के लिए बनेगी पार्किंग।
-जीएमवीएन-केएमवीएन की परिसंपत्तियों का विनिवेश होगा, नए पर्यटन क्षेत्र बनेंगे।
युवाओं को रोजगार के अवसर और प्रशिक्षण देगी सरकार
-विदेशों में रोजगार के अवसर दिलाने के लिए प्रतिष्ठित संस्थाओं से प्रस्ताव मांगे गए हैं।
-वर्क फोर्स डेवलपमेंट परियोजना के तहत उद्योगों में लिंकेज प्रकोष्ठ बनाए जाएंगे।
- कौशल प्रशिक्षण के लिए डोमेन एक्सपर्ट की व्यवस्था होगी। आईटीआई, कृषि, ड्रोन तकनीक, सोलर, टूरिज्म, ब्यूटी वैलनेस, इलेक्ट्रानिक्स आदि क्षेत्रों में विषय विशेषज्ञों युवाओं को प्रशिक्षण देंगे।
-काशीपुर में इलेक्ट्रिक व हरिद्वार में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में संबंधित क्षेत्र की अग्रणी फर्म के माध्यम से सेंटर फॉर एक्सलेंस की स्थापना होगी।
-दूरदराज से आने वाले प्रशिक्षणार्थियों को औद्योिगक आस्थानों के पास देहरादून, हरिद्वार, काशीपुर, दिनेशपुर के छात्रावासों में ऑन द जॉब ट्रेनिंग और ठहरने की सुविधा।
-इलेक्ट्रिकल, मैन्युफैक्चरिंग, आरएसी, औद्योगिक उत्पादन के क्षेत्र में उद्योगों की मदद से कार्यशाला व फिनिशिंग स्कूल खुलेंगे। स्किल हब के तहत विदेश रोजगार प्रकोष्ठ, मॉडल कॅरिअर सेंटर, विभागीय प्रशिक्षण केंद्र बनेंगे।
निशुल्क मिलेंगी किताबें
2023-24 से राजकीय माध्यमिक विद्यालयों व अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा नौ से 12 तक के सभी छात्रों को मुफ्त किताबें दी जाएंगी। स्कूलों में रियल टाइम उपस्थिति,चाइल्ड ट्रैकिंग, छात्रों की उपलब्धि, शिक्षकों के स्थानांतरण व शैक्षणिक गतिविधियों से संबंधित आंकड़े तैयार करने और ऑनलाइन अनुश्रवण के लिए विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित होंगे।
राज्यपाल के अभिभाषण पूरे प्रदेश की झलक होती है। राज्यपाल के अभिभाषण में सबकुछ समाहित होता है। विपक्ष के पास ठोस मुद्दे नहीं हैं। हम सभी को मिलकर उत्तराखंड राज्य को आगे बढ़ाना है।
- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
उत्तराखंड पूरे राष्ट्र में अपना बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। कई जगह पहले कहीं दूसरे तो कहीं तीसरे स्थान पर है। उसके लिए मैं मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार को बधाई देता हूं। प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा। इसके लिए हर उत्तराखंडी मेहनत कर रहा है और उत्तराखंड को नंबर वन प्रदेश बनने से कोई नहीं रोक सकता।
-ले.ज. गुरमीत सिंह, राज्यपाल।