उत्तराखंड विस बजट सत्र: पुलवामा हमले में शहीदों को दी श्रद्धांजलि, एक माह का वेतन देंगे विधायक
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लोकसभा चुनाव से ठीक पहले त्रिवेंद्र सरकार का आम बजट लोक लुभावन होने की संभावना थी। लेकिन यह बजट आज विधानसभा में पेश नहीं हुआ। गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ की काफिले पर हुए आंतकी हमले के शाेक में आज सदन में बजट पेश नहीं हुआ। अब बजट सोमवार 18 फरवरी को पेश किया जाएगा। शुक्रवार को विधानसभा में फिदायीन हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। जिसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
शुक्रवार को सदन में शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान एलान किया गया कि शहीदों के परिजनों को सभी विधायक एक माह का वेतन देंगे। शहीदों के परिजनों को सरकारी नौकरी दी जाएगी। रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा ने कहा कि वह अपना 6 माह का वेतन शहीदों को देंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि आतंकी हमले को लेकर पोस्ट करने वाले छात्रों पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि उक्त युवक राज्य से बाहर है। उधर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने भी अपनी एक माह की विधायक पेंशन शहीद परिजनों को देने का एलान किया है। भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल ने वाघा बॉर्डर पर जाकर पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन करने का एलान किया है।
वहीं लोकसभा चुनाव की दृष्टि से भाजपा की प्रदेश प्रवास समिति की आज घोषणा कर दी गई। समिति के प्रदेश संयोजक व प्रदेश उपाध्यक्ष श्री ज्योति ग़ैरोला ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट की अनुमति से समिति की घोषणा की। यह समिति प्रधानमंत्री मोदी , राष्ट्रीय अध्यक्ष ,केंद्रीय नेताओं ,मंत्रियों अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों सहित वरिष्ठ नेतृत्व के उत्तराखंड में कार्यक्रमों व प्रवास का प्रबंधन करेगी।
पुलवामा में आतंकी हमले व सीआर पीएफ जवानों की शहादत के चलते उत्तराखंड में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने आज प्रदेश में पार्टी के सभी कार्यक्रम स्थगित करने के निर्देश दिए हैं। अजय भट्ट ने आज के अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम भी रद्द कर दिए हैं और वे शहीद के परिवार से मिलने खटीमा जा रहे हैं।
बजट में ये होगा खास
इससे पहले वित्त मंत्री प्रकाश पंत आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए बजट अनुमान सदन पटल पर प्रस्तुत करने वाले थे। इस बजट में खेती और किसानों को खास तरजीह दिए जाने के संकेत हैं। साथ ही सरकार निवेश लक्ष्यों के आधार पर स्वरोजगार, सहकारी क्षेत्र और जैविक खेती को विशेष प्रोत्साहन के लिए घोषणाएं कर सकती है। बजट में प्रदेश के किसानों, बेरोजगारों, ग्रामीणों, वंचितों, गरीबों और कमजोर तबके लिए भी कुछ नई योजनाओं के प्रावधान के संकेत हैं।
वर्ष 2018-19 के वित्तीय वर्ष के लिए सरकार ने 45585.09 करोड़ रुपये का बजट पास किया था। बजट में सरकार ने कौशल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र को खास प्राथमिकता दी थी। अब 2019-20 के जारी बजट में सरकार प्राथमिकता क्षेत्र में शामिल कृषि, पशुपालन, वानिकी, मत्स्य पालन, खनन के क्षेत्र में घोषणा कर सकती है। प्रदेश सरकार के सामने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का संकल्प भी पूरा करने का लक्ष्य है।
इसलिए बजट का स्वरूप खेती और किसान के विकास के हिसाब से तैयार हो सकता है। ऐसे संकेत हैं कि बजट में सरकार पर्यटन, व्यापार, परिवहन, सड़क एवं संचार क्षेत्र को प्राथमिकता दे सकती है। पिछले बजट में जो घोषणाएं सरकार ने की थीं, उनमें बजटीय प्रावधान को सरकार बढ़ा सकती है।