{"_id":"a674046b456ed87a4d37fc6ea84c6b0a","slug":"uttarakhand-budget-2016-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड के बजट में लगेगा चुनावी तड़का","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड के बजट में लगेगा चुनावी तड़का
अजित सिंह राठी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 02 Mar 2016 01:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र के आम बजट के बाद अब बारी राज्य सरकार की है। इस बजट से जनता उम्मीदें बांधे है। यह भी तय है कि इस बजट के बाद सरकार को सीधे चुनावी रण में कदम रखना है। इसलिए मुख्यमंत्री हरीश रावत और वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश बजट को जन आकांक्षाओं की कसौटी पर खरा उतारने के लिए अपने पूरे हुनर का इस्तेमाल करेंगे। वैसे भी राज्य कैबिनेट 40 हजार करोड़ से ज्यादा के बजट को अनुमोदित कर चुकी है।
विज्ञापन
राज्य का बजट इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि मौजूदा कांग्रेस सरकार का यह आखिरी बजट होगा। इसलिए बजट में यदि चुनावी रण का आगाज नहीं हुआ तो विपक्ष को हमला करने का मौका मिलेगा। केंद्र के कृषि और ग्रामीण आधारित बजट की तर्ज पर कुछ कसरत राज्य सरकार ने भी की है।
विज्ञापन
बतौर वित्त मंत्री इंदिरा अपना पांचवां बजट सदन में रखेंगी, उनकी वाकपटुता और राजनीतिक दक्षता के सामने टिकने वाले सदन के भीतर कम ही लोग हैं, लेकिन यदि वह बजट में चूक गईं तो इसका सीधा राजनीतिक नुकसान पार्टी को हो सकता है।
विज्ञापन
यही स्थिति मुख्यमंत्री हरीश रावत की भी होगी। उन्होंने कहा भी कि संवैधानिक मर्यादाएं होती हैं, इसलिए बजट के बारे में सार्वजनिक तौर पर बोलना ठीक नहीं है, लेकिन जनता के लिए क्या करना है और जनता क्या चाहती है, यह हम अच्छी तरह जानते हैं।
बतौर मुख्यमंत्री दो साल से ज्यादा समय पार कर चुके हरीश रावत को अच्छी तरह पता है कि यदि चूक हुई तो सुधार करने का मौका नहीं मिलेगा। हालांकि सितंबर में अनुपूरक बजट में सरकार एक कोशिश कर सकती है, लेकिन कोई बहुत बड़ा फायदा होगा यह कहना मुश्किल है, लेकिन अगला बजट प्रदेश में नई सरकार ही पेश करेगी। क्योंकि 13 मार्च से पहले नई सरकार का गठन होना है। इसलिए मौजूदा सरकार के पिटारे से जनता के लिए क्या निकलेगा, यह देखना दिलचस्प रहेगा।
बजट जन केंद्रित नहीं तो विपक्ष होगा हमलावर
केंद्र सरकार का आम बजट भी राज्य के लिए किसी कसौटी से कम नहीं होगा। जिस तरह से केंद्र ने गांव, पंचायत, किसान को मजबूत करने पर फोकस किया है, राज्य को भी ऐसा ही कुछ करना होगा। क्योंकि यदि बजट जन केंद्रित नहीं हुआ तो विपक्ष का हमला तय है। नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट का स्पष्ट कहना है कि सरकार को अपने पैर तले की जमीन खिसकती दिख रही है, भाजपा बजट का परीक्षण करेगी और सदन के भीतर ही सरकार से जवाब मांगेंगी।