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उत्तराखंडः बजट में विकास पर चली कैंची

Tue, 17 Mar 2015 09:29 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 17 Mar 2015 09:29 PM IST
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uttarakhand budget 2015.

केंद्रीय सहायता में कटौती से हल्कान हुई उत्तराखंड सरकार को विकास के बजट पर कैंची चलानी पड़ी। सोमवार को सदन के पटल पर रखे गए परंपरागत कर रहित और राजस्व सरप्लस बजट में सरकार बड़ी योजनाओं को भी जगह नहीं दे पाई।

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अलग-अलग वर्गोँ को कम बजट की योजनाओं से लुभाने की कोशिश जरूर हुई पर अपने संसाधनों को बढ़ाने को लेकर दबाव में आई सरकार ने संसाधन बढ़ाने का कोई रोड मैप भी सामने नहीं रखा। वित्त मंत्री को कहना पड़ा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आम आदमी पर सरकार ने कोई बोझ नहीं डाला है।
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2014-15 में वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश 13634.10 करोड़ रुपए का योजनागत बजट पेश किया था। 2015-16 के लिए वित्त मंत्री को 11634.49 करोड़ रुपए के योजनागत बजट पर ही संतोष करना पड़ा। यह पिछले साल के प्लान बजट से कम है। राजस्व सरप्लस और कर रहित बजट की पंरपरा को निभाने के लिए मजबूर सरकार का भरोसा अब अनुपूरक बजट पर है।
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यह तब है जबकी प्रदेश को अवस्थापना विकास, नए रोजगार और पर्वतीय क्षेत्रों में फोकस करने की जरूरत है। सदन में पेश किए गए अजट अनुमान के मुताबिक केंद्रीय सरकार से सहायता अनुमान में 3646.03 करोड़ रुपए की कमी संभव है। दूसरी तरफ केंद्रीय करों में राज्य के अंश में 1392.08 करोड़ रुपए की वृद्धि का अनुमान है।

इसके बावजूद इस मजबूरी को वित्त मंत्री ने लोकप्रिय योजनाओं के जरिए संवारने की कोशिश की। नई घोषणाओं से बचा गया और पुरानी योजनाओं के लिए पैसे की व्यवस्था की गई।

जेंडर बजट, महिलाओं के लिए वीर चंद्र गढ़वाली योजना में 20 प्रतिशत की व्यवस्था, होमगार्ड में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण, एसिड आक्रमण से पीड़ित महिलाओं के लिए दो लाख रुपए की व्यवस्था, इंदिरा प्रियदर्शनी कामकाजी योजना के जरिए आधी आबादी को लुभाने की कोशिश की गई।

जीडीपी में तेजी से गिर रहे कृषि सेक्टर के योगदान को मंडुआ, अनार, चौलाई के उत्पादन पर बोनस देकर संवारने की कोशिश की गई। दून और कुमाऊं विश्वविद्यालय में भाषा विद्यालय आदि का प्रावधान कर क्षेत्रियता को पुष्ट किया गया।

करीब दो घंटे के बजट भाषण को वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश ने इस बार बैठकर पढ़ा। कड़े वित्तीय अनुशासन की जरूरत जताई, स्वतंत्रता सेनानी, शहरी परिवारों को तवज्जो दी। बजट भाषण के दौरान पक्ष-विपक्ष ने पूरी तरह से शांत रहा।

बजट-एक नजर

uttarakhand budget 2015.

राजस्व आय-25777.68 करोड़
कुल आय-32310.07 करोड़
कुल व्यय-32693.64 करोड़
राजस्व सरप्लस-38.35 करोड़
राजकोषीय घाटा-4100.78 करोड़
योजनाओं पर खर्च-11634.49 करोड़
गैर योजनागत खर्च-21059.15 करोड़

आय का जरिया
स्वयं का कर राजस्व-29.11 प्रतिशत
करेत्तर राजस्व-6.36
केंद्रीय करों में राज्यांश-17.00
केंद्रीय सहायता से अनुदान-26.82
लोक लेखा-0.62
ऋण एंव अग्रिम की वसूली-0.12
लोक ऋण-19.98

व्यय
वेतन, भत्ता-31.35
निवेश ऋण-9.27
सहायक अंशदान, अनुदान-12.97
ब्याज-10.34
निर्माण कार्य-13.92
अन्य व्यय-14.04
पैंशन-8.11

वृद्धि दर-12.60 प्रतिशत
जीडीपी-156201.6 करोड़
कर्ज-34047.93 करोड़

प्रति व्यक्ति आय-115632

इन विभागों के बजट पर चली कैंची (पिछले साल का बजट)

uttarakhand budget 2015.

ऊर्जा-512 करोड रुपए
सिंचाई, लघु सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण-1229.24
पेयजल- 567.67
आवास, शहरी विकास-789 करोड़
समाज कल्याण-1259.37
अनुसूचित जाति उपयोजना-1282.74
अनुसूचित जन जाति उप योजना-354.37
सैनिक कल्याण-39
जलागम- 113 करोड़
गन्ना एवं चीनी-24 करोड़
सहकारिता-50
चिकित्सा शिक्षा-408
तकनीकी शिक्षा-196
खेल-136
पंचायत-82 करोड़
विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी-7.01

विभागों के लिए यह हुई व्यवस्था

uttarakhand budget 2015.

वाणिज्य कर-6209.81 करोड़ की आय अनुमानित, विभाग के लिए 204.02 करोड़ रुपए का प्रावधान
स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन-777.21 करोड़ रुपए आय, 35.13 करोड़ रुपए विभाग के लिए
आबकारी-आय 1799 करोड़ रुपए, विभाग के लिए 16.21 करोड़ रुपए
परिवहन-43.66 करोड़ रुपए
नागरिक उड्डयन-62.05 करोड़
ऊर्जा-203.01 करोड़ रुपए
वैकल्पिक ऊर्जा-5.97 करोड़ रुपए
राज्य संपत्ति-38.28 करोड़
सिंचाई, लघु सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण-1009.67 करोड़
पेयजल- 407.36 करोड़
सड़क एवं सेतु-1549.51 करोड़
औद्योगिक विकास-101.14 करोड़
आवास, शहरी विकास-496.65
समाज कल्याण-1259.37
अनुसूचित जाति उपयोजना-1282.74
अनुसूचित जन जाति उप योजना-354.37
सैनिक कल्याण-32.59 करोड़
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास-705.95 करोड़
जलागम- 27.01 करोड़
वन एवं पर्यावरण-626.58
कृषि-482.69
गन्ना एवं चीनी-16.53
औद्यानिकी-195.34
पशुपालन, डेरी, मत्स्य-198.51
सहकारिता-41.61
स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, आयुष-1401.38
चिकित्सा शिक्षा-268.25
विद्यालयी शिक्षा-4902.33
उच्च शिक्षा-396.84
तकनीकी शिक्षा-167.43
संस्कृति-27.81
संस्कृत शिक्षा-25.61
भाषा-27.24
खेल-102.81
सूचना-28.98
गृह, आंतरिक सुरक्षा-1207.57
राजस्व-376.98
आपदा प्रबंधन-1707.90
पंचायत-13.48
ग्राम्य विकास-1457.74
विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी-7.01
आईटी-10 करोड़
पर्यटन-200.59 करोड़
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति- 344.70
श्रम, सेवायोजन-192.98

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