उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 28 मार्च से: इस साल 21 नए परीक्षा केंद्र बने,191 संवेदनशील और 18 अतिसंवेदनशील केंद्र घोषित
उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा को लेकर सभी केंद्रों में बिजली और पीने के पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए है। साथ ही जरूरत के हिसाब से कुछ केंद्रों में मिट्टी तेल भी उपलब्ध कराए जाने के लिए कहा गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं की 28 मार्च से शुरू हो रही परीक्षा के लिए 1333 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें इस साल 21 नए परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जबकि नकल रोकने के लिए राज्य, मंडल और जिला स्तर पर सचल दल बनाए गए हैं। अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा एसपी खाली के मुुताबिक उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा को लेकर इस बार 191 संवेदनशील और 18 अतिसंवेदनशील केंद्र घोषित किए गए हैं।
विभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी किया गया है कि सभी केंद्रों में बिजली और पीने के पानी की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा जरूरत के हिसाब से कुछ केंद्रों में मिट्टी तेल भी उपलब्ध कराया जाए। अपर शिक्षा निदेशक के मुताबिक परीक्षा में नकल रोकने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। राज्य स्तर के साथ ही गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों में सचल दल गठित किए गए हैं। वहीं सभी जिलों में भी जनपद स्तर पर इसका गठन किया गया है।
सचल दल प्रभारी ने सदस्य में पत्नी शिक्षिका को किया शामिल
गढ़वाल मंडल के परीक्षा केंद्रों में संचालित बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन बनाने के लिए अपर निदेशक गढ़वाल मंडल एवं प्रभारी सचल दल ने पांच सदस्यीय इस दल में अपनी शिक्षिका पत्नी को शामिल किया है। अपर निदेशक महावीर सिंह बिष्ट की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक वह खुद सचल दल के प्रभारी हैं।
ये भी पढ़ें...धामी का राजतिलक आज : पीएम मोदी, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ रहेंगे मौजूद, नया मंत्रिमंडल भी ले सकता है शपथ
इसके अलावा चार सदस्यों में ऊषा मेहरा, सुशील राणा, निरुपमा बिष्ट और धीरेंद्र सिंह को शामिल किया गया है। इस पर कुछ शिक्षकों की ओर से सवाल खड़े किए जा रहे हैं। अपर निदेशक ने कहा कि सचल दल में जिन लोगों की जरूरत है उनकी ड्यूटी लगाई गई है।