सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया ऐलान, वाघा बॉर्डर पर परेड देखेंगे उत्तराखंड बोर्ड के टॉपर
उत्तराखंड बोर्ड के टॉपर छात्र-छात्राओं को राज्य सरकार की ओर से वाघा बॉर्डर का भ्रमण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बालिका पंचायत कार्यक्रम में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा में प्रथम दस स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को तीन से पांच दिन का शैक्षिक भ्रमण कराया जाएगा, जिसमें ऐतिहासिक व सांस्कृतिक स्थलों, उच्च शिक्षा केंद्र और बाघा बॉर्डर का भ्रमण करवाया जा सकता है। उन्होंने इन टॉपरों को टैबलेट देने की भी घोषणा की।
राज्य सरकार स्कूली बच्चों को बेहतर शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक जिला मुख्यालय में एक-एक मॉडर्न पुस्तकालय की स्थापना करेगी। इसमें अन्य पुस्तकों के साथ ही उत्तराखंड का संपूर्ण साहित्य भी उपलब्ध होगा। बालिका पंचायत को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह बात कही।
विद्यालयी शिक्षा विभाग और एससीईआरटी की ओर से रिंग रोड स्थित किसान भवन के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहकर हर क्षेत्र में सहभागिता के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं से कार्यक्रम के अपने संस्मरण डायरी में लिखने को कहा। उन्होंने कहा कि सबसे अच्छे संस्मरण लिखने व सुझाव देने वालों को एक हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
उन्होंने एसआरएफ फाउंडेशन की मदद से डिजिटल स्मार्ट क्लास के लिए तैयार मोबाइल लैब और अगस्त्य फाउंडेशन की ओर से तैयार मोबाइल लैब की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोबाइल लैब हर बड़े शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में भेजी जाए, जिससे बच्चे सरलता से कंप्यूटर शिक्षा व प्रयोगों को समझ सकें।
कार्यक्रम के दूसरे दिन पहले सत्र में बच्चों की पारंपरिक वाद्य यंत्र, मौलिक लेखन और ‘मुझे बालिका होने पर गर्व है’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। दूसरे सत्र में साइबर एक्सपर्ट अंकुर चंद्रकांत, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. भवानी पाल और मनोवैज्ञानिक राशि भटनागर ने बच्चों को तकनीक के समुचित प्रयोग, स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और अपने लिए योग्यता व इच्छानुसार व्यवसाय चयनित करने की सलाह दी।
इस अवसर पर विद्यालय शिक्षा सचिव भूपिंदर कौर औलख, अपर राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा अभियान वंदना गर्ब्याल, अपर निदेशक एससीईआरटी अजय नौडियाल, संयुक्त निदेशक कंचन देवराड़ी, कुलदीप गैरोला, प्रदीप रावत, हिमानी बिष्ट, राय सिंह रावत, विक्रम सिंह नेगी, पुष्पा रानी वर्मा, मनोरमा बर्त्वाल समेत अन्य मौजूद रहे।