उत्तराखंड विस सत्र: कोविड वैक्सीन की दो डोज का प्रमाण न होने पर एंट्री के लिए आरटीपीसीआर रिपोर्ट अनिवार्य
विधानसभा सत्र की कार्यवाई की जानकारी और बाइट के लिए निर्धारित चिन्हित स्थल पर वाटरप्रूफ टेंट की व्यवस्था होगी।
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उत्तराखंड विधानसभा सत्र के दौरान मीडिया से संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने सूचना विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। सत्र में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को सीमित मात्रा में मीडिया पास जारी किए जाएंगे। कोविड वैक्सीन की दो डोज का प्रमाण न होने पर आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य होगी।
उत्तराखंड विधानसभा मानसून सत्र: कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में एक दिन का एजेंडा तय
विधानसभा सत्र की कार्यवाई की जानकारी और बाइट के लिए निर्धारित चिन्हित स्थल पर वाटरप्रूफ टेंट की व्यवस्था होगी। जहां पर लाइव प्रसारण की सुविधा भी दी जाएगी। इस बार भी सत्र की वेब कास्टिंग की जाएगी।
इंटरनेट व तकनीकी प्रबंध की व्यवस्था सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से की जाएगी। बैठक में प्रभारी सचिव विधानसभा मुकेश सिंघल, महानिदेशक सूचना रणवीर सिंह चौहान, अपर निदेशक डॉ. अनिल चंदोला, संयुक्त निदेशक केएस चौहान, उप निदेशक मनोज कुमार श्रीवास्तव मौजूद थे।
कांग्रेस की विधानमंडल दल की बैठक 22 को
विधानसभा सत्र को लेकर नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक 22 अगस्त को बुलाई है। बकौल प्रीतम, बैठक में सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के पास मुद्दों की कोई कमी नहीं है। सरकार को किसान, महंगाई, देवस्थानम बोर्ड, भू कानून, कोरोना, भ्रष्टाचार, कुंभ में कोविड टेस्टिंग फर्जीवाड़ा के मुद्दे पर घेरेंगे।
विपक्ष मुद्दों को दे रहा धार, जवाब देने को सरकार तैयार
2022 चुनाव को देखते हुए 23 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा मानसून सत्र में विपक्ष मुद्दों को धार देकर सरकार की घेराबंदी करने में जुटा है। वहीं, सरकार विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने को तैयार है। बेरोजगार, गन्ना किसानों का बकाया भुगतान, चारधाम देवस्थानम बोर्ड, भ्रष्टाचार, भू-कानून, कोविड जांच फर्जीवाड़े के मुद्दे पर सदन में हंगामा होने की आसार हैं।
विपक्ष की ओर से दो प्राइवेट बिल विधानसभा को दिए गए हैं। इनमें देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड अधिनियम पर संशोधन विधेयक और उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950) (संशोधन) विधेयक हैं। 2022 के चुनाव को देखते हुए विपक्ष सरकार की घेराबंदी करेगा।
सरकार चाहती है कि विधानसभा सत्र अच्छे ढंग से संचालित हो। आम जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक के साथ राज्य के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा हो। इसके लिए विपक्ष से भी सहयोग की अपेक्षा है। सदन में विपक्ष की ओर से जिन मुद्दों को उठाया जाएगा, सरकार उसका जवाब देगी। राज्य हित से जुड़े विषयों पर सकारात्मक रूप से सरकार कार्य करेगी।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
ईमानदारी के साथ सदन को चलाया जाएगा। नेता प्रतिपक्ष से भी सदन चलाने में सहयोग देने का आग्रह किया गया। विपक्ष का काम सदन में मुद्दे उठाने का है। जिस पर सरकार तथ्यों के साथ जवाब देगी। सदन को चलाने के लिए सामग्री होगी तो सत्र को बढ़ाया भी जा सकता है।
-बंशीधर भगत, संसदीय कार्यमंत्री
विपक्ष के पास मुद्दों की कमी नहीं है। सदन में विपक्ष की ओर से बेरोजगारी, देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड, भ्रष्टाचार, गन्ना किसानों और कोविड जांच फर्जीवाड़े को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
-करन माहरा, उपनेता कांग्रेस विधानमंडल दल