2017 विधानसभा चुनाव: भाजपा सांसदों के इम्तिहान का भी वक्त
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उत्तराखंड में कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर करने में भाजपा का मिशन 2017 उसके सांसदों का भी कद तय करेगा। प्रदेश में लोकसभा प्रतिनिधित्व की तस्वीर इस बार वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव से बिल्कुल उलट है।
तब पांचों सांसद कांग्रेस के थे अब भाजपा के हैं। लोकसभा चुनाव में पांचों सीटों नैनीताल, हरिद्वार, टिहरी, अल्मोड़ा और पौड़ी पर भाजपा की 63 विधानसभाओं में भाजपा को बढ़त मिली, लेकिन इसके बाद प्रदेश विधानसभा के उपचुनावों में कांग्रेस ने बाजी मारी कर कई सवाल खड़े कर दिए।
दो सांसद खुद की विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव तक नहीं बचा पाए। सियासी रणनीतिकारों का मानना है कि सांसदों पर अपने क्षेत्रों में प्रदर्शन सुधारने का दबाव इसलिए भी अधिक है क्योंकि केंद्र में उनका भविष्य काफी हद तक विधानसभा चुनाव में प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव में भाजपा के क्लीन स्वीप से गदगद भाजपा की अब विधानसभा में असल परीक्षा है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ जिस नाराजगी की बात सामने आई थी, लेकिन उसके बाद दो बार उपचुनाव हो चुके हैं जिसमें कांग्रेस जीती। विधानसभा क्षेत्र धारचूला, सोमवेश्वर और डोईवाला के उपचुनाव साबित कर चुके हैं कि केंद्र और प्रदेश सरकार के चुनाव में अंतर है।
उपचुनावों में मिली लगातार हार ने भाजपा सांसदों की चुनौती बढ़ा दी है
दो सांसद रमेश पोखरियाल निशंक और अजय टम्टा जिन विधानसभा सीट को खाली कर लोकसभा पहुंचे, उसे तक वे नहीं बचा पाए। इसके बाद भगवानपुर विधानसभा सीट पर बसपा विधायक सुरेंद्र राकेश के निधन के बाद हुए उपचुनाव में भाजपा के हाथ हार ही लगी।
ऐसे में उपचुनावों में मिली लगातार हार ने भाजपा सांसदों की चुनौती बढ़ा दी है। पांचों सांसदों को परिवर्तन यात्रा में अहम जिम्मेदारी दी गई है। भविष्य में केंद्र में उनकी जिम्मेदारी तय करने में विधानसभा चुनाव का रिपोर्ट कार्ड भी अहम होगा। गौरतलब है कि प्रदेश में 70 विधानसभा सीटें पांचों लोकसभाओं में समान रूप से वितरित हैं। हर लोकसभा क्षेत्र में 14 सीटें हैं।
2014 का रिपोर्ट कार्ड
टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह - 14 में से 13 विधानसभा सीटों पर रही आगे। सिर्फ चकराता विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी साकेत बहुगुणा को मिली बढ़त।
पौड़ी सांसद भुवन चंद्र खंडूड़ी - सभी 14 विधानसभा क्षेत्रों में रहे आगे।
हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक - 14 में से 10 सीटों पर रहे आगे। भाजपा को विधानसभा क्षेत्र ज्वालापुर, भगवानपुर, कलियर और मंगलौर में कांग्रेस प्रत्याशी रेणुका रावत से पिछड़ी।
नैनीताल सांसद भगत सिंह कोश्यारी - सभी 14 विधानसभा क्षेत्रों में रहे आगे।
अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा - 12 विधानसभाओं में आगे रहे। कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप टम्टा केवल जागेश्वर और धारचूला विधानसभा से बढ़त ले पाए।