{"_id":"5ff179f6015f6f7ad656cb64","slug":"uttarakhand-after-ias-ips-now-pcs-officers-will-also-get-promotion","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: आईएएस-आईपीएस के बाद अब पीसीएस अफसरों को भी मिलेगा प्रमोशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: आईएएस-आईपीएस के बाद अब पीसीएस अफसरों को भी मिलेगा प्रमोशन
Sun, 03 Jan 2021 01:33 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Sun, 03 Jan 2021 01:33 PM IST
सार
- वरिष्ठता के विवाद के कारण नहीं हो पाए प्रमोशन, आईएएस पद पर होनी है पदोन्नति
विज्ञापन
प्रमोशन
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को प्रमोशन देने के बाद अब राज्य सरकार पीसीएस अफसरों की मुराद पूरी करेगी। वरिष्ठता विवाद के कारण वर्ष 2014 के बाद से आईएएस पद पर उनका चयन नहीं हो सका है। लेकिन नए साल में उन्हें पदोन्नति की सौगात मिलने की पूरी उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठता विवाद के कारण आईएएस पद पर पदोन्नति न होने से अभी तक करीब 20 पद खाली हैं। कार्मिक एवं सतर्कता विभाग टेंटेटिव वरिष्ठता सूची पिछले महीने ही जारी कर चुका है। अब इस
विज्ञापन
सरकार की ओर से अब वरिष्ठता का विवाद नहीं
प्रदेश सरकार की ओर से अब पीसीएस अधिकारियों की वरिष्ठता को लेकर विवाद नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वर्ष 2010 में शासन ने जो वरिष्ठता तय की थी, अब उसी पर पदोन्नति होने के आसार हैं।
विज्ञापन
2010 से शुरू हुआ वरिष्ठता का विवाद
प्रदेश में वर्ष 2010 से ही सीधी भर्ती और पदोन्नत पीसीएस अफसरों के बीच वरिष्ठता का विवाद है। राज्य गठन के समय पीसीएस अफसरों की कमी के कारण तत्कालीन सरकार ने तहसीलदार और कार्यवाहक तहसीलदारों को तदर्थ पदोन्नति देकर एसडीएम बना दिया गया। वर्ष 2003 व 2005 तक यह सिलसिला चला। वर्ष 2005 में सीधी भर्ती से 20 पीसीएस अधिकारियों का चयन हुआ। 2010 में सरकार ने वरिष्ठता सूची जारी की। इसमें वर्ष 2005 बैच के पीसीएस अधिकारियों को सीनियर माना। पदोन्नति से पीसीएस बनें अफसरों ने इस पर एतराज जताया। तदर्थ सेवा को शामिल करते हुए उन्होंने खुद को वरिष्ठ माना। वे हाईकोर्ट से भी जीते। लेकिन सरकार सुप्रीम कोर्ट गई। सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठता में तदर्थ सेवा को नहीं माना।
विज्ञापन
वन सेवा के पांच अधिकारियों को पदोन्नति का तोहफा
नए साल पर शासन ने भारतीय वन सेवा के पांच अधिकारियों को पदोन्नतियों का तोहफा दिया है। भारतीय वन सेवा के 2003 के बैच के अफसर पीके पात्रों को अब मुख्य वन संरक्षक बना दिया गया है। इसी तरह उप वन संरक्षक पद पर कार्यरत दीप चंद्र आर्य और अखिलेश तिवारी को वन संरक्षक बनाया गया है। ये दोनों अधिकारी उत्तराखंड संवर्ग के 2007 बैच के हैं। चंद्रशेखर जोशी और कल्याणी को कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बनाया गया है।