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उत्तराखंडः प्रदेश में रिटायर होंगे 65 साल के पालतू हाथी, एनटीसीए ने जारी किए निर्देश
Sun, 15 Dec 2019 10:36 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
जीवन कुमार, अमर उजाला, रामनगर (नैनीताल)
जीवन कुमार, अमर उजाला, रामनगर (नैनीताल)
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 15 Dec 2019 10:36 AM IST
सार
- एनटीसीए ने सभी टाइगर रिजर्व को को जारी किए निर्देश
- रिटायर हाथियों से पर्यटन, अन्य प्रकार की सवारी नहीं होगी
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राजाजी टाइगर रिजर्व
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी, कांबिंग आदि में काम आने वाले 65 साल के पालतू हाथियों को अब रिटायर किया जाएगा। रिटायर होने वाले हाथियों से पर्यटन गतिविधि और अन्य प्रकार की सवारी नहीं की जाएगी। हालांकि 65 साल पार कर चुके हाथी के पशु चिकित्सक से स्वस्थ प्रमाणित होने के बाद केवल हल्के कार्य ले सकेंगे।
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राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के डीआईजी सुरेंद्र मेहरा ने 12 दिसंबर को देश के सभी टाइगर रिजर्व के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि 65 साल की उम्र प्राप्त कर चुके पालतू हाथियों को रिटायर किया जाए, क्योंकि इस उम्र में हाथी कमजोर होने के साथ बीमारियों से ग्रस्त होते हैं।
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यदि 65 वर्ष से अधिक उम्र का कोई हाथी स्वस्थ है तो पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के तहत हल्के काम लिए जा सकते हैं। रिटायर हाथियों का पर्यटन और अन्य प्रकार की सवारी आदि में उपयोग नहीं किया जाएगा। सभी टाइगर रिजर्व को अपने यहां पालतू हाथियों की संख्या और उम्र भी एनटीसीए को बतानी है। साथ ही रिटायर हो रहे हाथियों की स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट भी भेजनी है।
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सीटीआर में है 14 पालतू हाथी
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 14 पालतू हाथी हैं। इनमें ढिकाला जोन में 4, बिजरानी में 1, कालागढ़ में 4, झिरना में 3 और ढेला में 2 हाथी हैं। हालांकि सीटीआर के किसी भी हाथी की उम्र 65 नहीं पहुंची है। सीटीआर के अधिकारियों के अनुसार सभी हाथियों की उम्र 45 से 50 के बीच है।
सीटीआर में तीन साल से बंद है हाथी सफारी
कॉर्बेट नेशनल पार्क के बिजरानी और ढिकाला क्षेत्र में पर्यटकों को हाथी सफारी कराई जाती थी। इसके अलावा नेशनल पार्क के बफर जोन (मध्यवर्ती क्षेत्र, कुमेरिया और रिंगोडा) में पर्यटक सफारी का लुत्फ लेते, लेकिन तीन साल से कॉर्बेट में हाथी सफारी बंद है।