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सीएम, गृहमंत्री के क्षेत्र समेत 43 विधानसभा संवेदनशील
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 05 Jan 2017 10:37 AM IST
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- फोटो : file photo
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पुलिस महकमे ने प्रदेश में 15 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री हरीश रावत की धारचुला, गृह मंत्री प्रीतम सिंह का चकराता निर्वाचन क्षेत्र समेत 70 सीटों में से 43 के 350 इलाकों को संवेदनशील माना है।
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इनमें दस विधानसभाएं वो भी हैं, जहां के विधायकों ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा है। हर विधानसभा की संवेदनशीलता की वजह अलग-अलग है। इसमें आगे चलकर प्रत्याशियों के हिसाब से संवेदनशीलता घटती और बढ़ती रहेगी। हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर समेत अन्य विधानसभा को चुनाव, यूपी सीमा और मिश्रित आबादी के लिहाज से संवेदनशील माना गया है।
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प्रदेश की सत्ता में बदलाव को लेकर कांग्रेस और घमासान की वजह से इस बार चुनाव में पिछले साल के मुकाबले ज्यादा गरमाहट रहेगी। कांग्रेस के दस विधायकों ने कांग्रेस से बगावत कर भाजपा का दामन संभाल लिया था। हरीश रावत सरकार बर्खास्त हुई और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दोबारा सत्ता में आ गई। कांग्रेस ने घनसाली से भाजपा विधायक भीम लाल आर्य को अपने पाले में लाकर खड़ा कर लिया। तब से दोनों दलों के बीच खिंची तलवारें आज तक म्यान में नहीं गई हैं।
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इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने विधानसभा सीटों की संवेदनशीलता का आंकलन किया है। अधिकांश सीटों में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को बड़ी वजह माना गया है। इसके अलावा मिश्रित आबादी और यूपी से सटी हुई सीमा भी संवेदनशीलता की एक वजह है। पुलिस महानिरीक्षक कानून व्यवस्था दीपम सेठ की माने तो 70 में 43 विधानसभाओं में 350 क्षेत्र चुनावी दृष्टि से गंभीर है। इनमें 1300 पोलिंग बूथ संवेदनशील और 680 अति संवेदनशील है। तमाम सीटों पर भाजपा, कांग्रेस, बसपा, निर्दलीय और दूसरे दलों के प्रत्याशियों के हिसाब से संवेदनशीलता घट और बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि पुलिस चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए कटिबद्ध है।
यह विधानसभाएं संवेदनशील
चकराता, रायपुर, मसूरी, डोईवाला, ऋषिकेश, बद्रीनाथ, केदारनाथ, रुद्रप्रयाग, घनसाली, देवप्रयाग, नरेन्द्रनगर, टिहरी, कोटद्वार, धारचुला, डीडीहाट, पिथौरागढ़, द्वारहट, सल्ट, रानीखेत, सोमेश्वर्र भीमताल, हल्द्वानी, रामनगर के अलावा हरिद्वार की 11 और उधम सिंह नगर की तमाम नौ विधानसभा को संवेदनशील माना गया है।
कप्तानों से सीधी बात करेंगे डीजीपी
चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद पुलिस महानिदेशक एमए गणपति शुक्रवार को प्रदेश के पुलिस कप्तानों से वीडियो कांफ्रेंस के जरिए सीधी बात करेंगे। डीजीपी चुनाव से पूर्व की जाने वाली कार्रवाई के निर्देश देंगे। जिले वार मतदान केन्द्रों की संवेदनशीलता और अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली जाएगी।