ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट में अब आएगी तेजी, केंद्रीय बजट में इस साल मिले 4200 करोड़ रुपये
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ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के समयबद्ध निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने बजट में वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 4200 करोड़ रुपये की बजटीय व्यवस्था की है। बजटीय प्रावधान के साथ ही परियोजना के निर्माण में तेजी आएगी।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बजट में 4200 करोड़ रुपये का प्रावधान करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और रेल मंत्री पीयूष गोयल का आभार जताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में इन वर्षों में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बहुत तेजी से काम हुआ है। पहाड़ में रेल का सपना जल्द ही साकार होने जा रहा है।
ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना में न्यू ऋषिकेश स्टेशन तैयार हो चुका है। यहां से ट्रेनों का संचालन भी शुरू हो चुका है। बाकी जगहों पर भी तेजी से काम चल रहा है। इस वर्ष के लिए बजट में प्रस्तावित 4200 करोड़ रुपये से परियोजना टाइम फ्रेम में पूरा की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री कर रहे हैं मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। राज्य सरकार के स्तर से आवश्यक औपचारिकताओं को समय पर पूरा कराया गया है। हाल ही में परियोजना के लिए उपखनिज सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने खनन नीति में संशोधन किए ताकि परियोजना को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जा सके।
वीरभद्र-न्यू ऋषिकेश ब्लॉक सेक्शन का काम पूरा
वीरभद्र-न्यू ऋषिकेश ब्लॉक सेक्शन का काम पूरा हो चुका है। ऋषिकेश में एक आरओबी तथा एक आरयूवी भी तैयार है। परियोजना के तहत 17 टनल के कार्यों को 10 पैकेज में बांटा गया है। लछमोली व श्रीनगर में अलकनंदा नदी पर आरओबी का कार्य शुरू हो चुका है। श्रीनगर, गौचर व सिवाई में रोड का कार्य भी प्रगति पर है। ऋषिकेश-देवप्रयाग ब्लॉक सेक्शन का कार्य 2023-24 और देवप्रयाग-कर्णप्रयाग ब्लॉक सेक्शन का कार्य 2024-25 तक पूरा किया जाने का लक्ष्य है।
देवभूमि उत्तराखंड में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की पहली एक किमी टनल की खुदाई का कार्य पूर्ण किया गया।
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) February 4, 2021
निर्माण की दृष्टि से हिमालय के इस कठिन, और अत्यंत चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में, 125 किमी लंबी इस परियोजना को 2024 तक पूरा करने के लिए रेलवे प्रतिबद्ध है। pic.twitter.com/AeXxlOBb4O
चारधाम रेल कनेक्टिविटी पर भी शुरू हुआ काम
यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ व बद्रीनाथ धाम को रेलवे सेवा से जोड़ने के लिए लगभग 327 किलोमीटर की कुल लंबाई की चार रेलवे लाइन अलाइनमेंट पर भी कार्य किया किया जा रहा है।