{"_id":"672eece359e71311780e5f75","slug":"uttarakhand-25th-foundation-day-if-the-efforts-succeed-then-uttarakhand-will-be-known-as-an-organic-state-2024-11-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand Foundation Day: स्वर्णिम लक्ष्य...कोशिशें परवान चढ़ी तो आर्गेनिक स्टेट से पहचाना जाएगा प्रदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand Foundation Day: स्वर्णिम लक्ष्य...कोशिशें परवान चढ़ी तो आर्गेनिक स्टेट से पहचाना जाएगा प्रदेश
Sat, 09 Nov 2024 05:16 PM IST
रेनू सकलानी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Sat, 09 Nov 2024 05:16 PM IST
सार
आर्गेनिक खेती और उत्पादन के क्षेत्र में सुधार देखने को मिला है। 2000 में 16 लाख मिट्रिक टन खाद्यान्न की पैदावार थी, जो 2023 में 19 लाख टन हो चुकी है।
विज्ञापन
बैठक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विश्व बाजार आर्गेनिक उत्पादों की बढ़ती डिमांड ने उत्तराखंड के किसानों को खेती में नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया है। किसानों के इसी उत्साह को देखते हुए राज्य में 50 प्रतिशत आर्गेनिक खेती का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2000 में आठ लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर खेती होती थी।
विज्ञापन
2023 में यह घटकर छह हेक्टेयर पर रह गई है। लेकिन आर्गेनिक खेती और उत्पादन के क्षेत्र में सुधार देखने को मिला है। 2000 में 16 लाख मिट्रिक टन खाद्यान्न की पैदावार थी, जो 2023 में 19 लाख टन हो चुकी है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें...Dehradun: राजधानी में बेरोजगार संगठन का प्रदर्शन, सैकड़ों की संख्या में एकजुट युवा सीएम आवास कूच करने पहुंचे
विज्ञापन
गंगा नदी के किनारे 22 हेक्टेयर क्षेत्रफल में प्राकृतिक खेती का लक्ष्य भी राज्य को आर्गेनिक स्टेट के तौर पर नई पहचान दिलाने में मदद कर सकता है। ऐसा होने पर राज्य और किसानों की आर्थिकी को मजबूती मिल सकती है।