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उत्तराखंड : मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को अचानक दिल्ली से आया बुलावा, सारे कार्यक्रम किए रद्द

Wed, 30 Jun 2021 07:22 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 30 Jun 2021 07:22 PM IST
सार

माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री को भाजपा संगठन की ओर से बुलाया गया है। हालांकि इसकी ठोस वजह नहीं बताई जा रही है।

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uttarakand news :  cm tirath singh rawat called from delhi today
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के अचानक दिल्ली दौरे पर जाने से प्रदेश के सियासी हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने यह कहकर रहस्य से पर्दा हटाया कि वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने जा रहे हैं। आज तस्वीर साफ हो सकती है।

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लेकिन सियासी जानकारों का मानना है कि उपचुनाव के लिए सेफ सीट की पहेली सुलझाने मुख्यमंत्री राष्ट्रीय अध्यक्ष के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे हैं। वह बुधवार सुबह करीब 10.45 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। बुधवार की तीरथ सिंह रावत ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
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उपचुनाव के लिए सीट होनी है तय
तीरथ सिंह रावत वर्तमान में लोकसभा के सदस्य हैं। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बने रहने के लिए उन्हें चुनकर विधानसभा की सदस्यता लेनी है। राज्य में बेशक गंगोत्री और हल्द्वानी सीट खाली है और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की इच्छा है कि मुख्यमंत्री गंगोत्री विस सीट से उपचुनाव की तैयारी करें। लेकिन पार्टी का ही एक बड़ा खेमा मुख्यमंत्री के लिए और ज्यादा सेफ सीट चाहता है। ये सीट तीरथ सिंह की गृह सीट चौबट्टाखाल बताई जा रही है। 

सबसे बड़ा पेंच चुनाव आयोग की उपचुनाव पर लगी रोक

चर्चा है कि मुख्यमंत्री गंगोत्री सीट से उपचुनाव लड़ सकते हैं। लेकिन इसमें सबसे बड़ा पेंच चुनाव आयोग की उपचुनाव पर लगी रोक है। मुख्यमंत्री को 10 सितंबर से पहले चुनकर आना है। इन सभी पहलुओं पर केंद्रीय नेतृत्व और मुख्यमंत्री के बीच चर्चा हो सकती है।

महालक्ष्मी योजना का आज करना था शुभारंभ
मुख्यमंत्री को बुधवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की महालक्ष्मी योजना का शुभारंभ करना था। यह कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।

मुख्यमंत्री का दिल्ली का अचानक बना कार्यक्रम
मुख्यमंत्री के अन्य कार्यक्रम भी टाल दिए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री का दिल्ली का कार्यक्रम अचानक बना है। मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है।

रोडमैप पर होगी चर्चा: तीरथ

लेकिन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के हिसाब से राष्ट्रीय अध्यक्ष से उनकी मुलाकात की वजह विधानसभा का उपचुनाव ही नहीं है। दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने मीडिया कर्मियों से बातचीत में कहा, (मंगलवार) कल ही चिंतन बैठक समाप्त हुई । बैठक में बहुत सारे विषयों को लेकर चर्चा हुई। आगामी चुनाव को लेकर रणनीति बनीं।

विकास के मुद्दों को लेकर बातचीत हुई। हमें बूथ स्तर पर लोगों तक पहुंचना है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ आमजन को दिलाने के लिए कार्यकर्ताओं की भूमिका तय होनी है। इन्हीं विषयों को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष को अवगत कराने जा रहा हूं। 

पीएम और राष्ट्रीय अध्यक्ष को आना है
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री व राष्ट्रीय अध्यक्ष के भी राज्य में कार्यक्रम हैं। ये कार्यक्रम जल्दी से बनाए जाने हैं। इस संबंध में भी बातचीत होनी है।

मुख्यमंत्री का दिल्ली जाना सामान्य बात : सुबोध
उत्तराखंड सरकार के शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा सामान्य बात है। भाजपा राष्ट्रीय दल है। राष्ट्रीय दलों के मुख्यमंत्री, मंत्री, नेताओं का दिल्ली आना-जाना लगा रहता है। उपचुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का काम आयोग को खाली सीट की सूचना देने का होता है। वह काम सरकार कर चुकी है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के नेतृत्व में लड़ेगी पार्टी विस चुनाव

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि 2022 का विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।

उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग पर चिंता व्यक्त करते हुए भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए ईको सिस्टम को बेहतर बनाने और भावी पीढ़ी को स्वच्छ पर्यावरण उपलब्ध कराने के लिए कार्यकर्ताओं से 16 जुलाई से होने वाले हरेला पर्व पर एक लाख पौधे लगाने का आह्वान किया। 

पूर्व मुख्यमंत्री रावत बुधवार को जीआईसी कोटद्वार में भाजपा कोटद्वार नगर मंडल की ओर से आयोजित रक्तदान शिविर के उद्घाटन पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में ब्लड बैंकों में रक्त की कमी को देखते हुए भाजपा संगठन की ओर से ‘पहले रक्तदान, फिर टीकाकरण’ अभियान के तहत शिविर आयोजित किए गए थे। दूसरी लहर में भी 20 मई से अब तक लगभग 100 रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा चुका है।

पूर्व सीएम ने भावी पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए 16 जुलाई से शुरू होने वाले हरेला पर्व पर एक लाख पीपल, वट सहित मोटी छाल के पौधों का रोपण करने का आह्वान भी किया। एम्स ऋषिकेश के सहयोग से आयोजित शिविर में 220 यूनिट रक्तदान हुआ।

इस मौके पर उन्होंने 107 बार रक्तदान कर चुके गोविंद डंडरियाल, उनकी पत्नी कांति देवी, अवधेश अग्रवाल, रेखा देवी, एसएसआई प्रदीप नेगी, सुमित सिंघल, दलजीत सिंह, संजय थपलियाल को सम्मानित किया।

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