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उत्तराखंड : प्रदेश के पांच अस्पतालों में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट शुरू, मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन किया लोकार्पण
Sat, 26 Jun 2021 07:23 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, चंपावत
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 26 Jun 2021 07:23 PM IST
सार
मुख्यमंत्री ने जिन पांच ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का लोकार्पण किया, उनमें जिला चिकित्सालय बागेश्वर में 250 एलपीएम, जिला चिकित्सालय चंपावत में 100 एलपीएम, जिला चिकित्सालय पिथौरागढ़ में 200 एलपीएम, हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट एवं कोरोनेशन अस्पताल देहरादून में 1000-1000 एलपीएम के प्लांट शामिल हैं।
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ऑक्सीजन प्लांट का वर्चुअली उद्घाटन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित कैंप कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से राज्य के पांच अस्पतालों में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का लोकार्पण एवं एक प्लांट का शिलान्यास किया। पांच ऑक्सीजन प्लांट से 4.76 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन होगा।
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मुख्यमंत्री ने जिन पांच ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का लोकार्पण किया, उनमें जिला चिकित्सालय बागेश्वर में 250 एलपीएम, जिला चिकित्सालय चंपावत में 100 एलपीएम, जिला चिकित्सालय पिथौरागढ़ में 200 एलपीएम, हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट एवं कोरोनेशन अस्पताल देहरादून में 1000-1000 एलपीएम के प्लांट शामिल हैं। इन पांच संयत्रों से प्रतिदिन 4.76 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन होगा।
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इस अवसर पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कोविड की संभावित तीसरी लहर के दृष्टिगत सभी तैयारियां की गई है। सीएचसी स्तर त्क भी कोविड केयर सेंटर बनाये जा रहे हैं। सीएचसी स्तर तक ऑक्सीजन प्लांट लगाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी राज्य में 17 ऑक्सीजन प्लांट कार्यशील हैं, जबकि 17 ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना का कार्य चल रहा है। इसके अलावा 11 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट के लिए केंद्र सरकार से स्वीकृति मिल चुकी है।
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शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने अपील की कि हरेला पर्व पर अधिक से अधिक लोग वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें। इस अवसर पर बागेश्वर विधायक चंदन राम दास, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव सोनिका, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा, सबंधित जिलों के जिलाधिकारी, सीएमओ एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
केंद्र देगा 2494 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के अस्पतालों में 5675 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर तथा 14349 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है। 2494 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर तथा 6231 ऑक्सीजन सिलेंडर जल्द राज्य को मिलने वाले हैं। पिथौरागढ़ में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की मदद से 600 एलपीएम का ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाया जा रहा है, जिसका मुख्यमंत्री ने वर्चुअल शुभारंभ किया। उन्होंने अजीम प्रेमजी का आभार भी व्यक्त किया। बागेश्वर में स्थापित ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट के लिए समाजसेवी गोपाल गोस्वामी ने सीएसआर के तहत प्रदान किया है। चंपावत, पिथौरागढ़ एवं देहरादून में स्थापित ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट केंद्र सरकार द्वारा पीएम केयर फंड के तहत राज्य को मिले हैं।
कोविड प्रभावितों को जल्द मिलेगी राहत की दूसरी डोज
वहीं कोरोना की दूसरी लहर से प्रभावित पर्यटन व्यवसायियों के लिए राहत पैकेज देने का फैसला करने के बाद प्रदेश सरकार समाज के अन्य वर्गों के लिए राहत की दूसरी डोज देने जा रही है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के मुताबिक पर्यटन विभाग की तरह सभी विभागों को राहत पैकेज के प्रस्ताव बनाने को कहा गया है।
सरकार इन सभी प्रस्तावों पर विचार कर राहत पैकेज देने की घोषणा करेगी। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि कुछ विभागों से शासन को प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इन प्रस्तावों के आधार पर अनुमानित राहत राशि का आकलन किया जा रहा है। कुछ और विभागों से प्रस्ताव आने बाकी हैं।
समाज के हर प्रभावित को राहत देने की योजना
कोरोना की दूसरी लहर में प्रदेश सरकार की योजना समाज के हर प्रभावित को कुछ न कुछ राहत देने की है। ये राहत अलग-अलग रूपों में हो सकती है। मसलन, बिलों, लाइसेंस व अन्य क्षेत्रों में रियायत देकर या नकद आर्थिक सहायता के माध्यम से राहत देने पर विचार हो रहा है। अधिकारी पहली लहर के दौरान दिए गए राहत पैकेज का भी अध्ययन कर रहे हैं।
स्वयं सहायता समूहों में काम करने वाले वर्गों, परिवहन व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों, कोविड कर्फ्यू के दौरान होटल ढाबों में काम करने वाले कर्मचारियों, छोटे व्यवसाय से आजीविका चलाने वाले लोगों को सरकार कुछ न कुछ राहत देने की सोच रही है। इसके अलावा राज्य के बिजली व पानी के उपभोक्ताओं, असंगठित क्षेत्र के कारोबार से जुड़े लोगों को राहत की डोज दी जाएगी।
कोविड महामारी की दूसरी लहर में राज्य का हर वर्ग किसी न किसी रूप से प्रभावित हुआ है। सरकार ने पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को राहत दी है। अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोगों को भी राहत देने की योजना पर काम चल रहा है। सभी विभागों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। सरकार पर इस पर जल्द निर्णय लेगी।
- तीरथ सिंह रावत, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
सरकार इन सभी प्रस्तावों पर विचार कर राहत पैकेज देने की घोषणा करेगी। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि कुछ विभागों से शासन को प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इन प्रस्तावों के आधार पर अनुमानित राहत राशि का आकलन किया जा रहा है। कुछ और विभागों से प्रस्ताव आने बाकी हैं।
समाज के हर प्रभावित को राहत देने की योजना
कोरोना की दूसरी लहर में प्रदेश सरकार की योजना समाज के हर प्रभावित को कुछ न कुछ राहत देने की है। ये राहत अलग-अलग रूपों में हो सकती है। मसलन, बिलों, लाइसेंस व अन्य क्षेत्रों में रियायत देकर या नकद आर्थिक सहायता के माध्यम से राहत देने पर विचार हो रहा है। अधिकारी पहली लहर के दौरान दिए गए राहत पैकेज का भी अध्ययन कर रहे हैं।
स्वयं सहायता समूहों में काम करने वाले वर्गों, परिवहन व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों, कोविड कर्फ्यू के दौरान होटल ढाबों में काम करने वाले कर्मचारियों, छोटे व्यवसाय से आजीविका चलाने वाले लोगों को सरकार कुछ न कुछ राहत देने की सोच रही है। इसके अलावा राज्य के बिजली व पानी के उपभोक्ताओं, असंगठित क्षेत्र के कारोबार से जुड़े लोगों को राहत की डोज दी जाएगी।
कोविड महामारी की दूसरी लहर में राज्य का हर वर्ग किसी न किसी रूप से प्रभावित हुआ है। सरकार ने पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को राहत दी है। अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोगों को भी राहत देने की योजना पर काम चल रहा है। सभी विभागों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। सरकार पर इस पर जल्द निर्णय लेगी।
- तीरथ सिंह रावत, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड