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Uttarakhand News: बिना पीएचडी असिस्टेंट प्रोफेसर बनाने वाले यूसैट का छह साल से में नहीं हुआ आयोजन

Thu, 06 Jul 2023 01:17 PM IST
रेनू सकलानी आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 06 Jul 2023 01:17 PM IST
सार

कुमाऊं विश्वविद्यालय ने वर्ष 2017 में यूसैट का आयोजन कराया था। उसके बाद से प्रदेश में यह टेस्ट नहीं हुआ जबकि नेट का आयोजन साल में दो बार हो रहा है। इससे युवा निराश हैं क्योंकि राज्य में उन्हें नौकरी के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।

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USAT without making PhD assistant professor has not been organized in Uttarakhand for six years
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए पीएचडी की अनिवार्यता खत्म कर दी है। वहीं, बिना पीएचडी असिस्टेंट प्रोफेसर बनाने वाले यूसैट का राज्य में छह साल से आयोजन ही नहीं हुआ है। अब युवाओं की नजर अपने राज्य की पात्रता परीक्षा पर है। उधर, कुमाऊं विवि का दावा है कि जल्द ही यूसैट का नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा।

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यूजीसी के एतिहासिक निर्णय के बाद उत्तराखंड राज्यस्तरीय पात्रता परीक्षा (यूसैट) पर सबकी निगाहें टिक गई हैं। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने वर्ष 2017 में यूसैट का आयोजन कराया था। उसके बाद से प्रदेश में यह टेस्ट नहीं हुआ जबकि नेट का आयोजन साल में दो बार हो रहा है। इससे युवा निराश हैं क्योंकि राज्य में उन्हें नौकरी के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।

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यूसैट को नेट के मुकाबले थोड़ा आसान माना जाता है। नए नियम आने के बाद परास्नातक करने वाले युवा केवल यूसैट देकर भी राज्य के विश्वविद्यालयों, सरकारी डिग्री कॉलेजों, अशासकीय महाविद्यालयों, निजी विवि व कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर सेवाएं दे सकते हैं। राज्य के युवाओं के लिए यह बड़ा मौका होगा। पिछले दिनों राज्य सरकार ने कुमाऊं विवि को यूसैट कराने का पत्र भेजा था। कुमाऊं विवि ने अब इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं। सरकार ने यूसैट के लिए प्रो. हरीश बिष्ट को सदस्य सचिव भी नामित कर दिया है।

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अशासकीय डिग्री कॉलेजों में 2018 से अटकी हैं भर्तियां

प्रदेश के अशासकीय डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर, प्राचार्यों की भर्ती पर राज्य सरकार ने वर्ष 2018 से रोक लगाई हुई है। इन कॉलेजों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। यूसैट होने के बाद अगर सरकार यहां भर्तियां खोलती है तो युवाओं को बड़ा मौका मिलेगा।

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2017 में इन विषयों में हुआ था यूसैट

वर्ष 2017 में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, जिओग्राफी, इकोनॉमिक्स, पॉलिटिकल साइंस, सोशियोलॉजी, हिस्ट्री, एजुकेशन, साइकोलॉजी, फिजिकल एजुकेशन, होम साइंस, डिफेंस एंड स्ट्रैटजिक स्टडीज, म्यूजिक, अर्थ एंड एटमॉस्फेरिक साइंस, मैथमेटिकल साइंस, लॉ, फिजिकल साइंस, केमिकल साइंस, लाइफ साइंस, कॉमर्स, कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशन, एन्वायरमेंटल साइंस, मैनेजमेंट, विजुअल आर्ट, फिलोसॉफी, लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस को यूसैट में शामिल किया गया था। इस बार कितने विषय शामिल किए जाएंगे यह अभी तय नहीं है।

सरकार ने प्रो. हरीश बिष्ट को यूसैट के लिए सदस्य सचिव नामित कर दिया है। वह परीक्षा की तैयारी में लगे हुए हैं। इसी साल हम पात्रता परीक्षा कराएंगे। - दिनेश चंद्र, कुलसचिव, कुमाऊं विवि

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