{"_id":"5764611f4f1c1b4c0511c3bf","slug":"upnl-employees-salary-increase","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपनल कर्मियों की सेलरी बढ़ी, पर 3000 की जगह बस 1600","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपनल कर्मियों की सेलरी बढ़ी, पर 3000 की जगह बस 1600
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 18 Jun 2016 02:14 AM IST
विज्ञापन
कटौती के बाद उपनलकर्मियों के 3000 की जगह 1600 रुपये ही बढ़ेंगें।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) कर्मियों के वेतन वृद्धि संबंधी शासनादेश जारी हो गया है। कैबिनेट ने 3000 रुपये प्रतिमाह बढ़ोतरी की घोषणा की थी। हालांकि सर्विस चार्ज, सर्विस टैक्स और अन्य मदों में कटौती के बाद उपनलकर्मियों को प्रतिमाह 1600 रुपये ही बढ़कर मिल पाएंगे। उपनल कर्मियों के संगठन ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
राज्य कैबिनेट की छह जून को हुई बैठक में सरकार ने घोषणा की थी कि उपनलकर्मियों के वेतन में प्रतिमाह 3000 रुपये की वृद्धि की जाएगी। शुक्रवार को इसका शासनादेश हुआ तो कर्मचारियों में मायूसी नजर आई।
विज्ञापन
कर्मचारी ही देते हैं सर्विस टैक्स और सर्विस चार्ज
दरअसल, उपनल को 15 प्रतिशत सर्विस टैक्स और 2.5 प्रतिशत सर्विस चार्ज के रूप में जमा करना होता है। यह धनराशि भी उपनल कर्मचारियों से ही वसूलता है। इसी तरह, नियमानुसार ईपीएफ और ईएसआई के मद में भी कर्मचारी के वेतन से कटौती होती है।
विज्ञापन
कैबिनेट की घोषणा से खुश हुए उपनलकर्मी शासनादेश से खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। सभी तरह के टैक्स कर्मचारियों से वसूलने से प्रतिमाह की यह बढ़ोतरी महज लगभग 1600 रुपये की होगी।
उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद कवि का कहना है कि सरकार ने उपनलकर्मियों के साथ छलावा किया है। इसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो उपनलकर्मी सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।