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Dehradun News: तिमाही बिजली खरीद के बाकी पांच करोड़ वसूल सकेगा यूपीसीएल
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- नियामक आयोग ने एफपीपीसीए के समायोजन के तहत दी मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। तिमाही बिजली खरीद के हिसाब से बाकी पांच करोड़ यूपीसीएल वसूली सकेगा। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने इसकी मंजूरी दे दी है। यूपीसीएल यह शुल्क आम उपभोक्ताओं से वसूलेगा।
नियामक आयोग ने यूपीसीएल की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बिजली उपभोक्ताओं से अतिरिक्त शुल्क वसूलने की अनुमति दे दी है। यह निर्णय सितंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही के दौरान बिजली खरीद की लागत में हुई वृद्धि (एफपीपीसीए) के समायोजन के लिए लिया गया है। आयोग ने माना है कि जुलाई से सितंबर 2025 की तिमाही के दौरान यूपीसीएल की बिजली खरीद लागत और उपभोक्ताओं से की गई वसूली के बीच 5.20 करोड़ का अंतर (अंडर-रिकवरी) रहा है। इस राशि को अब आगामी बिलों के माध्यम से वसूला जाएगा।
आयोग ने निर्देश दिया है कि इस 5.20 करोड़ की राशि का समायोजन जनवरी 2026 की एफपीपीसीए लागत के साथ किया जाए, जिसे अप्रैल 2026 में भेजे जाने वाले मार्च 2026 के उपभोग बिलों में जोड़ा जाएगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बिजली खरीद की औसत दर 5.39 प्रति यूनिट स्वीकृत की गई है। आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद, सदस्य विधि अनुराग शर्मा, सदस्य तकनीकी प्रभात किशोर डिमरी ने स्पष्ट कहा कि हर महीने की 28 तारीख तक यह विवरण अपनी वेबसाइट पर अपलोड करना होगा कि अगले महीने उपभोक्ताओं से कितना एफपीपीसीए शुल्क लिया जाना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। तिमाही बिजली खरीद के हिसाब से बाकी पांच करोड़ यूपीसीएल वसूली सकेगा। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने इसकी मंजूरी दे दी है। यूपीसीएल यह शुल्क आम उपभोक्ताओं से वसूलेगा।
नियामक आयोग ने यूपीसीएल की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बिजली उपभोक्ताओं से अतिरिक्त शुल्क वसूलने की अनुमति दे दी है। यह निर्णय सितंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही के दौरान बिजली खरीद की लागत में हुई वृद्धि (एफपीपीसीए) के समायोजन के लिए लिया गया है। आयोग ने माना है कि जुलाई से सितंबर 2025 की तिमाही के दौरान यूपीसीएल की बिजली खरीद लागत और उपभोक्ताओं से की गई वसूली के बीच 5.20 करोड़ का अंतर (अंडर-रिकवरी) रहा है। इस राशि को अब आगामी बिलों के माध्यम से वसूला जाएगा।
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आयोग ने निर्देश दिया है कि इस 5.20 करोड़ की राशि का समायोजन जनवरी 2026 की एफपीपीसीए लागत के साथ किया जाए, जिसे अप्रैल 2026 में भेजे जाने वाले मार्च 2026 के उपभोग बिलों में जोड़ा जाएगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बिजली खरीद की औसत दर 5.39 प्रति यूनिट स्वीकृत की गई है। आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद, सदस्य विधि अनुराग शर्मा, सदस्य तकनीकी प्रभात किशोर डिमरी ने स्पष्ट कहा कि हर महीने की 28 तारीख तक यह विवरण अपनी वेबसाइट पर अपलोड करना होगा कि अगले महीने उपभोक्ताओं से कितना एफपीपीसीए शुल्क लिया जाना है।
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