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बिजली के खंभों को मजबूत कराएगा यूपीसीएल
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने नदियों के बीचोबीच व किनारे खड़े बिजली के खंभों को मजबूत कराने की कवायद शुरू कर दी है। इसके अलावा आईआईटी विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर चिह्नित खतरनाक खंभाेें को भी हटाया जा रहा है। राजधानी दून में 60 खतरनाक खंभों को चिह्नित किया गया है।
बता दें, देहरादून समेत राज्य के तमाम जिलों में हजारों की संख्या में बिजली के पोल नदियों के बीचोबीच या फिर किनारे हैं। ये खंभे अक्सर बारिश के दौरान नदियों या फिर बस्तियों के ऊपर गिर जाते हैं। पिछले साल राजधानी दून में ही पिटकुल का हाईटेंशन टावर बिंदाल नदी में गिर जाने से बड़ा हादसा टल गया था। ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए यूपीसीएल ने आईआईटी के विशेषज्ञों की मदद से अध्ययन कराया है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर यूपीसीएल जिलावार ऐसे खतरनाक खंभों को मजबूती दे रहा है। इसमें सिंचाई विभाग की भी मदद ली जा रही है। यूपीसीएल के मुख्य अभियंता एके सिंह ने बताया कि चिह्नित खंभों को मजबूत किया जा रहा है। ज्यादातर काम पूरा कर लिया गया है।
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उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने नदियों के बीचोबीच व किनारे खड़े बिजली के खंभों को मजबूत कराने की कवायद शुरू कर दी है। इसके अलावा आईआईटी विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर चिह्नित खतरनाक खंभाेें को भी हटाया जा रहा है। राजधानी दून में 60 खतरनाक खंभों को चिह्नित किया गया है।
बता दें, देहरादून समेत राज्य के तमाम जिलों में हजारों की संख्या में बिजली के पोल नदियों के बीचोबीच या फिर किनारे हैं। ये खंभे अक्सर बारिश के दौरान नदियों या फिर बस्तियों के ऊपर गिर जाते हैं। पिछले साल राजधानी दून में ही पिटकुल का हाईटेंशन टावर बिंदाल नदी में गिर जाने से बड़ा हादसा टल गया था। ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए यूपीसीएल ने आईआईटी के विशेषज्ञों की मदद से अध्ययन कराया है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर यूपीसीएल जिलावार ऐसे खतरनाक खंभों को मजबूती दे रहा है। इसमें सिंचाई विभाग की भी मदद ली जा रही है। यूपीसीएल के मुख्य अभियंता एके सिंह ने बताया कि चिह्नित खंभों को मजबूत किया जा रहा है। ज्यादातर काम पूरा कर लिया गया है।
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