यूपी और उत्तराखंड की सीमा निर्धारण को लगेंगे 74 हजार 840 पिलर, दोनों सरकारों में बनी सहमति
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यूपी और उत्तराखंड की सीमा निर्धारण के लिए सोमवार को नादेही चीनी मिल के गेस्ट हाउस में दोनों राज्यों के एसडीएम समेत राजस्व अधिकारियों की बैठक हुई। जहां तय हुआ कि सौ मीटर के फासले पर दोनों राज्यों के अधिकारी एक के बाद एक पिलर लगाकर सीमांकन करेंगे।
इस तरह दोनों सीमाओं पर करीब 74 हजार 840 पिलर लगाए जाएंगे। दोनों ही राज्य की सरकारें पिलरों का आधा-आधा खर्च वहन करेंगी। उत्तराखंड के मकोनिया और यूपी के देवानंदपुर गढ़ी के सीमा विवाद का निस्तारण संयुक्त पैमाइश के बाद होगा।
बता दें कि उत्तराखंड के जसपुर की सीमा से उत्तर प्रदेश के जनपद मुरादाबाद और बिजनौर की सीमाएं जुड़ी हुई हैं। उत्तराखंड के 22 तो यूपी के 25 गांव एक दूसरे की सीमाओं से सटे हैं।
सीमा विवाद सुलझाने के लिए नैनीताल हाईकोर्ट ने करीब छह माह पहले दोनों प्रदेश की सरकारों को बॉर्डर पर पिलर लगाकर सीमांकन करने के आदेश दिए थे। एसडीएम दयानंद सरस्वती ने बताया कि दोनों राज्यों की सीमा पर मात्र एक सीमा को छोड़कर कही कोई विवाद नहीं है। शीघ्र ही पिलर लगाने का कार्य अमल में लाया जाएगा।
बैठक में एसडीएम धामपुर बिजनौर कुंवर सिंह वीरेंद्र, एसडीएम जसपुर दयानंद सरस्वती, तहसीलदार धामपुर भान सिंह, ठाकुरद्वारा जमन सिंह, जसपुर जोगा सिंह, राजस्व निरीक्षक धामपुर चेतराम, ठाकुरद्वारा यशपाल गिरी, जसपुर छत्रपाल, नवाब जान, सरताज खान आदि थे।