हैरतअंगेजः यहां VVIP की सुरक्षा कर रहे हैं अप्रशिक्षित गनर
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वीवीआईपी और वीआईपी की सुरक्षा में तैनात अधिकांश अंगरक्षकों ने रिवाल्वर और पिस्टल इस्तेमाल करने तक का कोर्स नहीं किया है।
नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश और कई मंत्रियों की सुरक्षा में अप्रशिक्षित हैड कांस्टेबल और कांस्टेबल तैनात हैं। यह खुलासा आरटीआई के तहत सिर्फ तीन जिलों से आई रिपोर्ट में हुआ है।
आपदा राहत घोटाले का खुलासा करने वाले आरटीआई कार्यकर्ता भूपेंद्र कुमार ने पुलिस मुख्यालय के लोक सूचना अधिकारी के माध्यम से वीवीआईपी और वीआईपी की सुरक्षा में लगे कांस्टेबल, उनके शस्त्रों के संबंध में जानकारी मांगी थी। पूछा था कि पिस्टल और रिवाल्वर लेकर चलने वाले अंगरक्षकों ने किसी तरह का कोर्स किया है या नहीं।
नियम यह है कि पिस्टल तभी उपलब्ध कराई जाएगी, जब संबंधित पुलिस कर्मी ने शैडो या अंगरक्षक का कोर्स किया हो। प्रदेश के 16 जिलों में से सिर्फ तीन जिलों ऊधम सिंह नगर, अल्मोड़ा और नैनीताल जिले से जानकारी उपलब्ध कराई गई, जो चौंकाने वाली है।
इन कर्मचारियों ने शैडो का कोर्स नहीं किया है
हालांकि आरटीआई के तहत मिली सूचना के अनुसार इन कर्मचारियों ने शैडो का कोर्स नहीं किया है, लेकिन इन्हें 15 दिन का शस्त्र हैंडलिंग का प्रशिक्षण देकर गनर ड्यूटी पर भेजा गया है।
सुरक्षा में चूक
-ऊधम सिंह नगर पुलिस के मुताबिक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की सुरक्षा में तैनात उप निरीक्षक ने शैडो का कोर्स नहीं किया है। इसी तरह हाईकोर्ट न्यायाधीश, रजिस्ट्रार जनरल आदि की सुरक्षा में लगे गनर भी बिना कोर्स वाले हैं।
-शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय की सुरक्षा में चल रहे दोनों कांस्टेबल भी अनट्रेंड बताए गए हैं।
-नैनीताल पुलिस के मुताबिक केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल की सुरक्षा में लगे नगर ने शैडो का कोर्स नहीं किया है।
-भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अनिल बलूनी की सुरक्षा में लगे गनर ने भी शैडो का कोर्स नहीं किया है।
आरटीआई के तहत मिली जानकारी के संबंध में पत्र के जरिये मुख्यमंत्री को अवगत कराया दिया गया है। यह वीआईपी की सुरक्षा में गंभीर चूक है। ट्रेंड गनर उपलब्ध कराने के साथ दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। 10 जिलों द्वारा अभी कोई जानकारी नहीं उपलब्ध कराई गई है।
- भूपेंद्र कुमार, आरटीआई कार्यकर्ता
वीआईपी की सुरक्षा में लगा कोई गनर अनट्रेंड नहीं है। यह बात सही है कि उन्होंने शैडो कोर्स नहीं किया है, लेकिन सभी को 15 दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। हर साल उन्हें फायरिंग कराई जाती है। दूसरा अभिसूचना मुख्यालय पर भी उन्हें प्रशिक्षण दिया जाता है।
- राम सिंह मीणा, अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था