युवती ने सरकारी अस्पताल के शौचालय में जन्मा बच्चा, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ
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देहरादून के राजकीय गांधी शताब्दी अस्पताल में युवती का शौचालय में ही प्रसव हो गया। स्टाफ और डॉक्टरों की नजर पड़ी तो दोनों को तत्काल लेबर रूम ले जाकर उपचार किया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
बृहस्पतिवार को अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर पर अस्पताल के एक कर्मचारी को शौचालय से नवजात के रोने और युवती की आवाज सुनाई दी। महिला कर्मचारियों को अंदर शौचालय में भेजा गया तो वे दंग रह गई। शौचालय में एक युवती का प्रसव हो गया था।
महिलाकर्मी ने पास ही ओपीडी में मरीज देख रहे वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. प्रवीण पंवार को इसकी सूचना दी। आनन-फानन में महिला डॉक्टरों और नर्सेज को बुलाकर जच्चा-बच्चा को लेबर रूम पहुंचाया गया।
शौचालय में प्रसव होने की सूचना से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। सीएमएस डॉ. बीसी रमोला ने तुरंत जांच कराई कि कहीं अस्पताल के स्तर पर गर्भवती के उपचार और देखरेख में लापरवाही से यह स्थिति पैदा तो नहीं हुई।
लेकिन, ऐसी कोई बात सामने नहीं आई। महिला डॉक्टरों ने जच्चा-बच्चा दोनों को भर्ती कर उपचार शुरू किया। युवती अपना नाम पता बताने को तैयार नहीं हुई। इस पर अस्पताल की ओर से पुलिस को सूचना दी।
पुलिस पूछताछ में पता चला कि युवती दूसरे जिले से आकर दून में परिचितों के साथ रहकर बीएड कर रही थी। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रवीण पंवार ने बताया कि युवती के पास कुछ अन्य अस्पतालों के पर्चे भी मिले हैं। वह बच्चे को नहीं रखना चाहती। पुलिस को इसकी सूचना दे दी गई है।