Unlock 5.0 in Uttarakhand : हरिद्वार में नियमों के साथ होगा रामलीला का मंचन, जिला प्रशासन ने जारी की एसओपी
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रामलीला मंचन और दशहरा मेले के आयोजन को लेकर काफी हद तक संशय खत्म हो गया है। जिला प्रशासन ने कुछ शर्तों के साथ रामलीला मंचन के साथ दशहरा मेले के आयोजन के लिए एसओपी जारी कर दी है।
जिला प्रशासन का कहना है कि यदि खुले में कोई आयोजन होता है तो वहां दो गज की दूरी का पालन करना होगा। बंद कमरे में होने वाले आयोजन में कुल क्षमता के आधे लोगों को बैठाना होगा। संबंधित संस्थाओं को आयोजन के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी जरूरी होगी।
अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास के बाद आयोजक भव्य रामलीला मंचन और रावण दहन की हसरत पाले हुए थे, लेकिन कोरोना काल की पाबंदियों के चलते सभी आयोजनों पर रोक लगी थी। इसी बीच अमर उजाला ने ‘रामलीला आयोजन को लेकर संशय बरकरार’ खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया।
खबर का संज्ञान लेते हुए डीएम सी रविशंकर ने रामलीला मंचन और रावण दहन को लेकर दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। नियमों के आधार पर बंद भवनों में 50 प्रतिशत दर्शकों के साथ रामलीला मंचन की अनुमति मिलेगी। वहीं प्रांगण या खुले मैदान में रामलीला मंचन और रावण दहन आयोजन के लिए आयोजकों को दर्शकों के बीच दो गज की दूरी बनानी होगी।
दर्शकों को आयोजन स्थल पर मास्क लगाकर बैठना होगा। आयोजन के लिए प्रशासन की अनुमति अनिवार्य होगी। अनुमति के लिए आयोजक जिलाधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
क्या होगी पूरी प्रक्रिया
आयोजकों को भवन, प्रांगण या मैदान के क्षेत्रफल के उल्लेख के साथ आवेदन करना होगा। साथ ही दर्शकों के बीच दो गज की दूरी के साथ आयोजन स्थल की क्षमता भी बतानी होगी। आवेदन के बाद प्रशासनिक अधिकारी आयोजन स्थल का मौका मुआयना करेंगे। इसके बाद अनुमति मिलेगी।
आयोजक को देना होगा शपथ पत्र
आयोजकों को शारीरिक दूरी और सुरक्षा नियमों का पालन करवाने के लिए शपथपत्र देना होगा। यदि नियमों का उल्लंघन होता है तो आयोजनकर्ता पर कार्रवाई की जाएगी।
धार्मिक भावनाओं के मद्देनजर रामलीला और रावण दहन के आयोजन को लेकर एसओपी जारी कर दी गई है। शारीरिक दूरी और सुरक्षा नियमों के पालन करके संस्थाएं अनुमति लेकर आयोजन कर सकती हैं।
- सी रविशंकर, जिलाधिकारी