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हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय का कार्यालय निष्क्रिय, श्रीनगर की लगानी पड़ रही दौड़
Fri, 26 Feb 2021 10:49 AM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 26 Feb 2021 10:49 AM IST
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हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए राजधानी में कार्यालय तो खोला गया, लेकिन छात्रों की सुनवाई नहीं हो रही है। विवि का कार्यालय सालों से निष्क्रिय बना हुआ है। नौबत यह है कि हजारों छात्रों को श्रीनगर स्थित विवि की दौड़ लगानी पड़ रही है।
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देहरादून के तिलक रोड पर विवि का कार्यालय स्थापित किया गया है। मकसद यह था कि देहरादून के डीएवी, डीबीएस, एसजीआरआर व एमकेपी पीजी कॉलेज समेत अन्य कॉलेजों के छात्रों की समस्याओं का जल्द समाधान हो सके, लेकिन इस कार्यालय में सालों से कोई सक्षम अधिकारी ही तैनात नहीं है।
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चुनिंदा कर्मचारी बिठाए गए हैं, जिनका काम महज फार्म देने तक सीमित रह गया है। किसी भी समस्या के समाधान के लिए कॉलेज व छात्रों को श्रीनगर जाने की सलाह दी जा रही है। कॉलेजों द्वारा विवि से पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन समाधान में महीने लग रहे हैं। ऐसे में जल्द समाधान के लिए छात्र व कॉलेज प्रशासन के सदस्यों को खुद श्रीनगर जाना ही बेहतर विकल्प लग रहा है।
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पीएचडी वायवा भी नहीं हो रहे जमा
कई साल पहले देहरादून स्थित विवि कार्यालय में छात्रों को पीएचडी वायवा जमा करने की सुविधा भी मिलती थी, लेकिन अब यह लाभ भी नहीं मिल रहा है। पीएचडी छात्रों को श्रीनगर जाकर वायवा जमा करना पड़ रहा है। इससे हजारों छात्र प्रभावित हो रहे हैं।
छात्र संगठन विवि के स्थानीय कार्यालय में सक्षम अधिकारी की तैनाती की मांग लगातार करते रहे हैं। क्योंकि हर छोटी समस्या को लेकर छात्रों को श्रीनगर जाना पड़ता है। इससे कॉलेजों को भी कई तरह की समस्या आती हैं।
- डॉ. अजय सक्सेना, प्राचार्य, डीएवी पीजी कॉलेज
एचएनबी विवि का देहरादून में कार्यालय तो है, लेकिन सक्षम अधिकारी तैनात नहीं होने के कारण कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। अगर कार्यालय में कोई सक्षम अधिकारी मौजूद रहे तो छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।
- प्रो. वीए बौड़ाई, प्राचार्य, एसजीआरआर पीजी कॉलेज