फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uma bharti can break dream of power state

अब उत्तराखंड के विकास में उमा भारती लगाएंगी अड़ंगा!

Tue, 27 May 2014 01:18 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 27 May 2014 01:18 PM IST
विज्ञापन
uma bharti can break dream of power state

उत्तराखंड सरकार के लिए उत्तराखंड को ऊर्जा प्रदेश बनाने के सपने को हकीकत में बदलना अब और मुश्किल हो गया है।

विज्ञापन


गंगा पर बांधों के बनाने के विरोध में मुखर रहीं उमा भारती के पास अब केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय है। हालांकि इस मंत्रालय को खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत भी संभाल चुके हैं और रावत भी उस समय बांधों के विरोध में थे।

यह अलग बात है कि अब हरीश रावत बांधों के लिए सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ने का दावा कर रहे हैं। जून 2013 में आई केदारनाथ आपदा के बाद उत्तराखंड में नदियों पर बांध का सवाल उठ खड़ा हुआ था।

विज्ञापन

23 परियोजनाओं को निरस्त करने का सुझाव

uma bharti can break dream of power state

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पीएसआई के संस्थापक निदेशक रवि चोपड़ा की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने भागीरथी प्रस्तावित 24 में से 23 परियोजनाओं को निरस्त करने का सुझाव दिया है।

समिति का तर्क था कि बांध परियोजनाओं में मलवा नदी में ही डंप किया जा रहा है और इससे नदियों का तल ऊंचा होकर विनाश का कारण बन रहा है।

दूसरी ओर उमा भारती का विरोध गंगा का प्रवाह बनाए रखने को लेकर रहा है। उमा भारती का तर्क रहा है कि जल विद्युत परियोजनाओं में लंबी-लंबी सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है और इससे नदी का प्रवाह बाधित हो रहा है।

बांधों के मामले में अड़ंगों का सामना करना होगा

uma bharti can break dream of power state

केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय मुख्य रूप से नदियों के जल संसाधन के रूप में नदियों पर नियंत्रण रखता आया है।

ऐसे में नदियों पर बांध बनाने में जल संसाधन मंत्रालय का कुछ हद तक हस्तक्षेप भी रहता आया है। जाहिर है कि प्रदेश सरकार को अब बांधों के मामले में जल संसाधन मंत्रालय के अड़ंगों का सामना करना पड़ सकता है।

दूसरी ओर, जल संसाधन मंत्री रहते हुए हरीश रावत ने नदियों केफ्लड जोन की मैपिंग, जल संग्रहण क्षेत्रों को बढ़ाने, मिट्टी का कटाव रोकने, रेन वाटर हार्वेस्टिंग आदि पर जोर दिया था।

विज्ञापन

उमा भारती के सामने चुनौती

uma bharti can break dream of power state

उमा भारती के सामने अब इन मामलों को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी। हालांकि केंद्रीय जल संसाधन मंत्री रहते हुए रावत इन सारे मामलों में उत्तराखंड को खास कुछ नहीं दे पाए थे।

पर बहुगुणा के मुख्यमंत्री रहते हुए रावत खुद इस बात से नाराज थे कि प्रदेश की मुख्य नदियों की सहायक नदियों पर थोक के भाव बांध बनाने की अनुमति दी जा रही है।

अब हरीश रावत खुद इस कोशिश में हैं कि बांधों का स्वीकृति मिले।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed