{"_id":"637cf6b300ca3d3f09339976","slug":"uksssc-paper-leak-case-former-pantnagar-university-official-dinesh-chand-joshi-gets-bail-in-gangster-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uksssc Paper Leak Case: पंतनगर विश्वविद्यालय के पूर्व अधिकारी दिनेश चंद जोशी को गैंगस्टर में जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uksssc Paper Leak Case: पंतनगर विश्वविद्यालय के पूर्व अधिकारी दिनेश चंद जोशी को गैंगस्टर में जमानत
Tue, 22 Nov 2022 09:52 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 22 Nov 2022 09:52 PM IST
सार
जुलाई में एसटीएफ ने पेपर लीक (स्नातक स्तरीय परीक्षा) मामले में जांच शुरू की थी। मामले में 42 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से आरएमएस कंपनी के मालिक राजेश चौहान समेत 21 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में भी मुकदमा दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
कोर्ट(प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पेपर लीक मामले में पंतनगर विश्वविद्यालय के पूर्व अधिकारी दिनेश चंद जोशी को गैंगस्टर एक्ट में भी जमानत मिल गई है। जोशी के खिलाफ विजिलेंस ने भी अक्तूबर में मुकदमा दर्ज किया था। जोशी को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और दो जमानती देने पर जमानत दी गई है।
विज्ञापन
जुलाई में एसटीएफ ने पेपर लीक (स्नातक स्तरीय परीक्षा) मामले में जांच शुरू की थी। मामले में 42 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से आरएमएस कंपनी के मालिक राजेश चौहान समेत 21 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में भी मुकदमा दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
Dehradun: होटल, अपार्टमेंट, रेस्टोरेंट अब अलग-अलग देंगे कचरा, नगर निगम ने लांच किया बल्क वेस्ट जनरेटर एप
विज्ञापन
आरोपियों में पंत नगर विवि के पूर्व अधिकारी दिनेश चंद जोशी भी शामिल हैं। जोशी पर आरोप है कि उन्होंने आरएमएस कंपनी के अफसरों के साथ मिलकर पेपर लीक कराया था। जोशी को पिछले माह धोखाधड़ी और जालसाजी के मुकदमे में जमानत मिल चुकी है। इसी क्रम में गैंगस्टर में भी जमानत के लिए अर्जी लगाई गई थी।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता चंद्रशेखर तिवारी ने कोर्ट में तर्क दिया कि जोशी को झूठा फंसाया गया है। उनके पास से धन की रिकवरी नहीं हुई थी। इसी तरह गैंगस्टर एक्ट में भी गैंग चार्ट में दो मुकदमे हैं। इनमें से एक मुकदमा विजिलेंस की ओर से दर्ज किया गया है।
इस मुकदमे में न तो उनकी गिरफ्तारी की गई और न ही विवेचना अधिकारी ने ज्यूडिशियल रिमांड ही मांगा है। इस आधार पर जोशी को जमानत दे देनी चाहिए। बचाव पक्ष के तर्क का अभियोजन ने भी कोई विरोध नहीं किया। इस पर स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट चंद्रमणि राय की अदालत ने जोशी को जमानत दे दी।