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पेपर लीक का बिजनौर कनेक्शन: फंस रहे अधिकारी...अब कंपनी की बारी, आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन से जुड़ रहे तार
Mon, 15 Aug 2022 08:14 AM IST
शाहरुख खान
रुद्रेश कुमार, अमर उजाला, देहरादून
रुद्रेश कुमार, अमर उजाला, देहरादून
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 15 Aug 2022 08:14 AM IST
सार
बिजनौर के धामपुर, नगीना में नकल सेंटर बनाने में आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन से तार जुड़ रहे हैं। आउटसोर्स कंपनी के अधिकारी को एसटीएफ ने कई बार बुलाया है। मगर लंबे समय से टाल रहे हैं।
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मामले में पकड़े गया आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा के पेपर लीक मामले में बिजनौर का बड़ा कनेक्शन सामने आया है। मास्टरमाइंड कहे जाने वाले हाकम सिंह रावत का बिजनौर के नगीना के पास धामपुर में नकल सेंटर बनाना भी इसी कनेक्शन का हिस्सा है। इसके तार अब आयोग की आउटसोर्स कंपनी आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन के आला अधिकारियों से जुड़ रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कंपनी के आला अधिकारियों में से एक बिजनौर के धामपुर का ही रहने वाला है। उसी के कहने पर यहां सेंटर बनाया गया था। सूत्रों का कहना है कि ये इत्तफाक तो नहीं हो सकता कि उत्तराखंड में नकल कराने बजाय इसके लिए बिजनौर के धामपुर को चुना गया। अभी तक कंपनी के कुछ कारिंदों का ही नाम मामले में सामने आ रहा था।
पूरी तरह से कंपनी की भूमिका का पता नहीं चल पा रहा था, लेकिन जब कड़ी से कड़ी जोड़ी गई तो सब बातें समझ आने लगी हैं। इन बातों को सामने लाया है बिजनौर कनेक्शन।
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पुलिस के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, कंपनी के अधिकारियों में से एक धामपुर का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि इसी की मिलीभगत से नकल सेंटर बनाने के लिए धामपुर का चुनाव हुआ। सूत्रों के मुताबिक, एसटीएफ को जब इस संबंध के बारे के पता चला तो उस अधिकारी को बयानों और पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन वह बीते कई दिनों से टाल रहा है। अब जल्द ही वह बयान दर्ज कराने आ सकता है।
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सूत्रों के मुताबिक, कंपनी के आला अधिकारियों में से एक बिजनौर के धामपुर का ही रहने वाला है। उसी के कहने पर यहां सेंटर बनाया गया था। सूत्रों का कहना है कि ये इत्तफाक तो नहीं हो सकता कि उत्तराखंड में नकल कराने बजाय इसके लिए बिजनौर के धामपुर को चुना गया। अभी तक कंपनी के कुछ कारिंदों का ही नाम मामले में सामने आ रहा था।
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पूरी तरह से कंपनी की भूमिका का पता नहीं चल पा रहा था, लेकिन जब कड़ी से कड़ी जोड़ी गई तो सब बातें समझ आने लगी हैं। इन बातों को सामने लाया है बिजनौर कनेक्शन।
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पुलिस के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, कंपनी के अधिकारियों में से एक धामपुर का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि इसी की मिलीभगत से नकल सेंटर बनाने के लिए धामपुर का चुनाव हुआ। सूत्रों के मुताबिक, एसटीएफ को जब इस संबंध के बारे के पता चला तो उस अधिकारी को बयानों और पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन वह बीते कई दिनों से टाल रहा है। अब जल्द ही वह बयान दर्ज कराने आ सकता है।
बिजनौर कनेक्शन से जाना पड़ सकता है जेल
सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों और नकल माफिया का बिजनौर कनेक्शन पुष्ट हो चुका है। लंबे समय से कंपनी के अधिकारी को बुलाना और उसका न आना भी संलिप्तता की ओर इशारा कर रहा है। यही नहीं, अब वह कई लोगों के नाम लेकर दबाव बनाने में जुटा है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस अधिकारी समेत कई और सलाखों के पीछे जा सकते हैं।