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सत्र के पहले दिन विधानसभा का घेराव करेगा उक्रांद
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जानकारी देते उत्तराखंड क्रांति दल के अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी। संवाद
- फोटो : DEHRADUN
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राज्य में सख्त भू कानून लागू करने के साथ ही मूूल निवास प्रमाणपत्र के मुद्दे पर उत्तराखंड क्रांति दल ने विधानसभा घेराव का एलान किया है।
पार्टी अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 23 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान पहले दिन पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता विधानसभा का घेराव करेंगे। कहा कि राज्य सरकार की ओर सख्त भू कानून नही लागू किए जाने से दूसरे राज्यों के भूमाफिया राज्य में जमीन खरीदकर कारोबार कर रहे हैं जबकि स्थानीय लोग इसका खामियाजा भुगत रहे हैं। यदि समय रहते सख्त भू कानून नहीं बनाया गया तो वह दिन दूर नही जब राज्य की बेशकीमती जमीन पर भूमाफिया का कब्जा हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि मूल निवास प्रमाणपत्र के नाम पर भी बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हो रहा है। ऐसे लोगों को मूल निवास प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं जो पात्र ही नहीं है। अपात्र लोग मूल निवास प्रमाणपत्र हासिल कर राज्य सरकार की ओर से मुहैया कराई जाने वाली उन तमाम सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं जिसके लिए वे पात्र नहीं है। भू कानून लागू करने के साथ ही मूल निवास प्रमाणपत्र जारी करने के प्रावधानों में बदलाव की मांग लगातार उठाई जा रही है लेकिन सरकार इस दिशा में कोई काम नहीं कर रही है।
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पार्टी अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 23 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान पहले दिन पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता विधानसभा का घेराव करेंगे। कहा कि राज्य सरकार की ओर सख्त भू कानून नही लागू किए जाने से दूसरे राज्यों के भूमाफिया राज्य में जमीन खरीदकर कारोबार कर रहे हैं जबकि स्थानीय लोग इसका खामियाजा भुगत रहे हैं। यदि समय रहते सख्त भू कानून नहीं बनाया गया तो वह दिन दूर नही जब राज्य की बेशकीमती जमीन पर भूमाफिया का कब्जा हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि मूल निवास प्रमाणपत्र के नाम पर भी बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हो रहा है। ऐसे लोगों को मूल निवास प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं जो पात्र ही नहीं है। अपात्र लोग मूल निवास प्रमाणपत्र हासिल कर राज्य सरकार की ओर से मुहैया कराई जाने वाली उन तमाम सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं जिसके लिए वे पात्र नहीं है। भू कानून लागू करने के साथ ही मूल निवास प्रमाणपत्र जारी करने के प्रावधानों में बदलाव की मांग लगातार उठाई जा रही है लेकिन सरकार इस दिशा में कोई काम नहीं कर रही है।
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