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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Ukraine Crisis: Uttarakhand Kashipur Anjila told 'We are trapped in eastern Ukraine and government is taking out from the west' 

Ukraine Crisis: ‘हम फंसे हैं पूर्वी यूक्रेन में, सरकार निकाल रही पश्चिम से’ खारकीव में फंसी उंजिला ने बताई पीड़ा

Tue, 01 Mar 2022 09:38 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, काशीपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, काशीपुर Published by: रेनू सकलानी Updated Tue, 01 Mar 2022 09:38 PM IST
सार

रूस-यक्रेन की लड़ाई के बीच भारतीय छात्र की मौत के बाद वहां फंसे अन्य छात्र डरे हुए हैं।

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Ukraine Crisis: Uttarakhand Kashipur Anjila told 'We are trapped in eastern Ukraine and government is taking out from the west' 
यूक्रेन में फंसे खटीमा के छात्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रूस की सीमा के करीब खारकीव में फंसी काशीपुर के शमीम सैफी की बेटी उंजिला ने यूक्रेन के मानचित्र के साथ एक वीडियो भेजा है। इसमें बताया गया है कि खारकीव में यूनिवर्सिटी और हॉस्टल में कई भारतीय छात्र फंसे हैं। खारकीव यूक्रेन के पूर्वोत्तर में है, जबकि भारत सरकार ने रेस्क्यू यूक्रेन के पश्चिमी बॉर्डर से किया है। वहीं खटीमा के अंकुर वर्मा, मिताली बिष्ट, भजन सिंह, ऋषभ अभी वहीं फंसे हैं।

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वहीं रूस-यक्रेन की लड़ाई के बीच भारतीय छात्र की मौत के बाद वहां फंसे अन्य छात्र डरे हुए हैं। उंजिला के अनुसार पश्चिमी सीमा पर पड़ने वाले शहरों लवीव, ओरजड आदि शहरों से जाने के लिए ट्रांसपोर्ट है। यहां से छात्र पौलेंड, हंगरी, रोमानिया आदि बार्डरों की ओर जा रहे है जबकि खासकीव से पश्चिम बॉर्डर पर पड़ने वाले देशों की दूरी काफी अधिक है।
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दो घंटे युद्ध थम जाए तो रूस के रास्ते आसानी से हो जाएगी वतन वापसी
बमबारी के चलते इतनी लंबी दूरी तय कर पाना सुरक्षा की दृष्टि से संभव नहीं है। वीडियो में बताया गया है कि खारकीव से पौलेंड की दूरी 1400 किमी, सलाविया की दूरी 1700 किमी, हंगरी की दूरी 1800 किमी और रोमानिया की दूरी 1300 किमी है। इन रूटों पर बमबारी के चलते कई शहरों के बीच संपर्क कटा हुआ है। ऐसे में खारकीव से इन देशों को होकर रेस्क्यू किया जाना मुश्किल है।
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वीडियो में यह भी कहा गया है कि खारकीव से रूस का अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बेलगोरोद सिर्फ 70 किमी दूर है। इस समय सबसे तेज जंग इसी इलाके में हैं। अगर इस क्षेत्र में दो घंटे का युद्ध विराम हो जाए तो रूस के रास्ते भारतीय छात्र आसानी से वतन वापसी कर सकते हैं। 


भाई-बहन परेशान
हंगरी बार्डर पर पहुंचे लक्ष्मीपुरपट्टी निवासी अहमद शम्स और उसकी बहन मरियम की पूरी रात सड़क पर गुजरी। उन्हें अभी एयरपोर्ट में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। अहमद ने अपने पिता गुड्डू आढ़ती से रात में बात की। दोनों ने बताया कि रात भर दोनों भाई बहन परेशान रहे। भारतीय दूतावास की ओर से सभी को बार्डर पर पहुंचने के लिए कहा गया था लेकिन अभी उन्हें रेस्क्यू की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

सुखवीर कौर रोमानिया पहुंची
जसपुरखुर्द निवासी सुखवीर कौर रोमानिया पहुंच गई है। उसके साथ अन्य छात्राएं भी हैं। सुखवीर के पिता नरेंद्र सिंह नागरा ने बताया कि रविवार को रोमानिया से भारत के लिए कोई फ्लाइट नहीं है लेकिन ईश्वर का शुक्र है कि उनकी बेटी अब सुरक्षित स्थान पर है। 

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