UK Board Result 2020: चाट की ठेली पर काम करते हुए की पढ़ाई, मेरिट में बनाया स्थान, पढ़ें ऐसे ही होनहारों की कहानी
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हरिद्वार में सरस्वती विद्या मंदिर भेल के छात्र आकाश प्रजापति ने इंटरमीडिएट में 94.8 प्रतिशत अंक प्राप्त करके प्रदेश में चौथा स्थान प्रापत किया। ज्वालापुर के मोहल्ला चौहानान के निवासी आकाश के पिता ब्रिजेश कुमार रेलवे स्टेशन ज्वालापुर के सामने चाट की ठेली लगाते हैं।
मां बबीता गृहणी है। आकाश के पिता ने बताया कि उनका बेटा स्कूल की छुट्टी के बाद उनके साथ चाट की ठेली पर काम में हाथ बांटता था। शाम को घर आने के बाद कई घंटे पढ़ाई करता था। आकाश की तीन बड़ी बहने हैं। उनका कहना है कि वह इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना चाहता है।
वैज्ञानिक बनना चाहते हैं अर्पित
सरस्वती विद्या मंदिर भेल के छात्र अर्पित त्रिपाठी ने इंटर में 94.8 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश की मेरिट में चौथा स्थान प्राप्त किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और हाल शिव विहार ज्वालापुर निवासी अर्पित के पिता पवन कुमार त्रिपाठी सिडकुल में एक कंपनी में एकाउंटेंट हैं। उन्होंने बताया कि अर्पित का फोकस केवल पढ़ाई पर रहा है। अर्पित ने बताया कि पढ़ाई के लिए अच्छे नोट्स प्राप्त करने के लिए मोबाइल में ऑनलाइन पीडीएफ निकाली और उनसे तैयारी की। वह वैज्ञानिक बनना चाहते हैं।
सिविल सेवा में जाना चाहती है फिजा
आर्य इंटर कॉलेज बहादराबाद की शाखा बाल सदन की छात्रा फिजा ने इंटर में 93.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जनपद में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश की मेरिट में 11वां स्थान प्राप्त किया। बहादराबाद के मस्जिद वाला मोहल्ला निवासी फिजा के पिता मोहम्मद फैजान किराये पर ऑटो चलाते हैं। कोरोना के महामारी के चलते यह काम भी अब बंद है। फिजा का कहना है कि वह अब गुरुकुल कन्या परिसर से पीसीएम से बीएससी करेंगी। वह आगे चलकर आईएएस बनना चाहती हैं। उनका कहना है पढ़ाई करते समय एकाग्रता जरूरी है।
सेना में अफसर बनना चाहता है आकाश
हरिद्वार में सरस्वती विद्या मंदिर भेल के छात्र आकाश कुमार ने हाईस्कूल में 97.20 प्रतिशत अंक प्राप्त करके प्रदेश की मेरिट में चौथा स्थान प्राप्त किया है। आकाश के पिता पंकज कुमार और मां सरोज देवी सिडकुल औद्योगिक इकाई में काम करते थे। लॉकडाउन के चलते दोनों की नौकरी चली गई। मूल रूप से गढ़ मुक्तेश्वर के निवासी ज्वालापुर में शास्त्रीनगर में किराये के मकान में रहकर इलेक्ट्रॉनिक्स का काम करके परिवार का गुजर बसर कर रहे हैं। आकाश का कहना है कि वह इंटर की पढ़ाई करने के बाद एनडीए की तैयारी करेेगा। वह सेन में अफसर बनकर देश की सेवा करना चाहता है। आकाश का कहना है कि उनके पास कोई मोबाइल नहीं है। उसने कभी इस तरह के शौक नहीं पाले।
शिक्षक बनकर समाज को देना चाहते हैं दिशा
सरस्वती विद्या मंदिर मायापुर के छात्र प्रद्युम्न ने हाईस्कूल में 96.6 प्रतिशत अंक प्राप्त करते हुए मेरिट में 8वां स्थान प्राप्त किया है। उनके पिता वेद प्रकाश इलैक्ट्रीशियन का काम करते हैं। हिमगिरी कनखल निवासी प्रद्युम्न की मां अंजना देवी गृहणी हैं। प्रद्युम्न का कहना है कि स्कूल के अलावा वह घर पर कई घंटे पढ़ाई करता था। प्रद्युम्न का कहना है कि मेहनत और लग्न से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उनका कहना है कि वह शिक्षक बनकर समाज को नई दिशा-दशा देने का काम करना चाहते हैं।