{"_id":"57a4e7984f1c1bda762bc4f7","slug":"two-school-students-fell-from-trolley","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रॉली से नदी पार करते हुआ हादसा, स्कूल जा रहे दो छात्र गिरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रॉली से नदी पार करते हुआ हादसा, स्कूल जा रहे दो छात्र गिरे
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
Updated Sat, 06 Aug 2016 12:53 AM IST
विज्ञापन
ट्रॉली से नदी पार करते छात्र (फाइल)
- फोटो : AmarUjala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आपदाग्रस्त असी गंगा घाटी में सेकू गांव को सड़क से जोड़ने वाली ट्राली हादसों का सबब बनी हुई हैं। शुक्रवार सुबह स्कूल आते समय इस ट्राली से गिरने के कारण दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। बता दें कि विगत 27 जुलाई को रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि क्षेत्र में ट्राली में बैठते वक्त पैर फिसल जाने से एक युवक मंदाकिनी नदी के उफान में बह गया था।
विज्ञापन
उत्तरकाशी में अगस्त 2012 की आपदा में सेकू गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाला मोटर पुल असी गंगा की बाढ़ में बह गया था। तभी से इस गांव के ग्रामीण रस्सों से खींची जाने वाली ट्राली के सहारे आवाजाही करने को मजबूर हैं। यह व्यवस्था गांव के बुजुर्ग, महिलाओं, बीमारों और स्कूली बच्चों के लिए काफी कष्टदायक है।
विज्ञापन
सेकू गांव के 13 बच्चे राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कल्डियाणी में पढ़ते हैं। रोजाना की तरह ये बच्चे शुक्रवार को भी ट्राली से स्कूल आ रहे थे। अचानक ट्राली खींचने की रस्सी छूटने के कारण ट्राली आगे निकल गई और दो बच्चे उफनती नदी के किनारे जा गिरे।
विज्ञापन
हादसे में दसवीं कक्षा के छात्र नवीन के हाथ की हड्डी टूट गई, जबकि नवीं की छात्रा रेशमा के सिर और हाथ में चोटें आईं। मौके पर मौजूद बच्चों के सूचना देने पर परिजनों ने उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया।
ग्रामीणों ने वर्ष 2012 की बाढ़ में बहे मोटर पुल का अभी तक पुनर्निर्माण न होने पर रोष जताया है। उन्होंने प्रशासन एवं सरकार से पुल बनने तक सुरक्षित आवाजाही के इंतजाम करने की मांग की। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रताप सिंह बिष्ट ने बताया कि सेकू गांव के 13 बच्चे हाईस्कूल कल्डियाणी में पढ़ते हैं। हल्की सी बरसात में रास्ते क्षतिग्रस्त होने और ट्राली से आवाजाही जोखिम भरी होने के कारण अधिकांश बच्चे स्कूल नहीं आ पाते। उन्होंने भी सुरक्षित आवाजाही के इंतजाम जरूरी बताए।