रुड़की: बिना लाइसेंस चल रहे थे दो मेडिकल स्टोर, एक पर बिक रही थी नशीली दवा
- देहरादून की ड्रग विभाग की टीम ने रुड़की क्षेत्र में की छापेमारी, दवा कब्जे में ली
- गंगनहर कोतवाली में दर्ज कराया मुकदमा, स्टोर संचालकों में मची रही खलबली
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नशीली दवाओं की बिक्री की शिकायत पर देहरादून से आई ड्रग विभाग की टीम ने रुड़की क्षेत्र में तीन मेडिकल स्टोरों पर छापा मारा। इस दौरान दो मेडिकल स्टोर बिना लाइसेंस के चलते मिले तो एक पर नशीली दवाएं बेची जा रही थीं। ड्रग विभाग की सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीनों स्टोर संचालकों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही तहरीर के आधार पर तीनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। ड्रग विभाग की टीम ने तीनों मेडिकल स्टोरों से जांच के लिए दवाएं कब्जे में ली हैं।
ड्रग विभाग देहरादून को काफी समय से रुड़की और देहात क्षेत्र के मेडिकल स्टोरों पर नशीली दवाएं बेचने की लगातार शिकायत मिल रही थी। शनिवार को देहरादून ड्रग विभाग ने स्थानीय अधिकारियों को साथ लेकर इकबालपुर गांव स्थितं मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की। सबसे पहले टीम नौशाद मेडिकल स्टोर पर पहुंची तो यहां कुछ नशीली दवाएं बरामद हुईं। टीम ने मेडिकल स्टोर से कुछ और दवाइयां भी जांच के लिए कब्जे में ले ली। इसके बाद गांव स्थित शाह मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की। अधिकारियों ने लाइसेंस मांगा तो मेडिकल स्टोर संचालक सकपका गया। यहां भी कुछ दवाएं कब्जे में ली गई हैं।
यहां से ड्रग विभाग की टीम सीधे शक्ति विहार कॉलोनी, रुड़की पहुंची और अरविंद कुमार के मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। यहां भी मेडिकल स्टोर संचालक लाइसेंस नहीं दिखा पाया। अधिकारियों ने यहां से भी दवाएं कब्जे में ली। कार्रवाई के दौरान गंगनहर कोतवाली पुलिस भी साथ थी। ड्रग विभाग की शिकायत पर पुलिस ने नौशाद अली, शाह मोहम्मद और अरविंद कुमार को गिरफ्तार कर लिया। स्टेट ड्रग कंट्रोलर ताजवीर सिंह ने बताया कि विभाग की कार्रवाई जारी रहेगी। नशीली दवाएं बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। टीम में ड्रग इंस्पेक्टर नीरज कुमार, सुरेंद्र सिंह, चंद्रप्रकाश नेगी, राजेंद्र सिंह रावत शामिल थे।
शटर बंद कर फरार हुए मेडिकल स्टोर संचालक
रुड़की क्षेत्र में ड्रग विभाग की छापेमारी की खबर मिलते ही शहर से लेकर देहात तक के कई मेडिकल स्टोर संचालक दुकानों के शटर बंद कर फरार हो गए। कई मेडिकल स्टोर संचालक टीम की पल-पल की खबर लेते रहे। टीम के वापस लौटने के बाद कुछ मेडिकल स्टोर संचालकों ने दुकानों के शटर खोले।
सिफारिश को पहुंचे सफेदपोश
तीन मेडिकल स्टोर संचालकों पर कार्रवाई के बाद कई सफेदपोश सिविल अस्पताल पुलिस चौकी पहुंचे। यहां उन्होंने टीम से मेडिकल स्टोर संचालकों को छोड़ने की सिफारिश की। इस पर टीम के अधिकारियों ने दो टूक कहा कि इनकी सिफारिश करने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। इसके बाद सफेदपोश उल्टे पांव लौट गए।
सही शिकायत करें तो होगी कार्रवाई
स्टेट ड्रग कंट्रोलर ताजवीर सिंह का कहना है कि टीम की ओर से अब नशीली दवाओं की बिक्री करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अगर कहीं किसी मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाएं बिक रही हैं तो आम नागरिक विभाग से शिकायत करें। शिकायत पर मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी जबकि शिकायतकर्ता का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।