फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Two Leopard cubs Ruksana and Tehseem Shifted in Dehradun Zoo from Chidiyapur rescue centre

Dehradun Zoo: दून जू में शामिल हुए दो नए मेहमान रुकसाना और तहसीम, पर्यटक मंगलवार से कर सकेंगे दीदार

Mon, 26 Jun 2023 08:25 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 26 Jun 2023 08:25 PM IST
सार

गुलदार के दो शावकों को चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर से लाने के लिए गत मार्च में अधिकारियों की स्वीकृति मिली थी। लेकिन, कुछ काम चिड़ियाघर में बाकी था। इसलिए इन्हें लाने में देर हो गई।

विज्ञापन
Two Leopard cubs Ruksana and Tehseem Shifted in Dehradun Zoo from Chidiyapur rescue centre
देहरादून जू में गुलदार के शावक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मालसी स्थित देहरादून चिड़ियाघर में सोमवार को मेहमानों के रूप में गुलदार के दो शावकों को लाया गया है। ये शावक चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर से लाए गए हैं। इनमें मादा की उम्र करीब 11 महीने और नर शावक की उम्र करीब आठ माह है। इन दोनों को हाल ही में तैयार किए गए नए बाड़ों में रखा गया है। मादा गुलदार का नाम रुकसाना और नर का नाम तहसीम रखा गया है। रेस्क्यू सेंटर प्रभारी अरविंद डोभाल ने बताया कि इनका नाम सेंटर के केयर टेकर तहसीम और उनकी पत्नी के नाम पर रखा गया है। ये दंपती इन शावकों से बहुत प्यार करते हैं। हालांकि, चिड़ियाघर आने के बाद इन्हें अब नए नाम मिल सकते हैं।

विज्ञापन


कुछ दिन इन दोनों पर चिकित्सकों और विशेषज्ञों की खास नजर रहेगी। हालांकि, मंगलवार से ही सैलानी इन दोनों का दीदार कर सकेंगे।गौरतलब है कि देहरादून चिड़ियाघर में कुछ सालों से नए जानवरों को लाने की प्रक्रिया चल रही थी। इनमें बाघ, सफेद व काले भालू, हाइना और गुलदार शामिल हैं। इनके लिए चिड़ियाघर में नए बाड़ों का निर्माण भी किया गया था। इसी क्रम में सबसे पहले गुलदार के दो शावकों को चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर से लाने के लिए गत मार्च में अधिकारियों की स्वीकृति मिली थी। लेकिन, कुछ काम चिड़ियाघर में बाकी था। इसलिए इन्हें लाने में देर हो गई।
विज्ञापन


Valley Of Flowers:  फूलों से है मोहब्बत तो चले आइए दीदार के लिए यहां, घाटी की रौनक देख नजर नहीं हटेगी
विज्ञापन
विज्ञापन


सोमवार तड़के देहरादून से रेंजर मोहन सिंह रावत की टीम इन दोनों शावकों को लाने के लिए गई थी। चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर से केयर टेकर तहसीम के साथ ये दोनों शावक सुबह करीब नौ बजे मालसी जू पहुंचे। यहां पर अधिकारियों की उपस्थिति में दोनों को अलग-अलग बाड़ों में रखा गया।

डेढ़-डेढ़ किलो चिकन रोज खाते हैं दोनों

इनमें से मादा गुलदार का वजन करीब 17 किलो और नर का 15 किलो है। रेस्क्यू सेंटर प्रभारी अरविंद डोभाल के अनुसार इन दोनों को वजन के हिसाब से खाना दिया जाता है। इन्हें तीनों समय करीब आधा-आधा किलोग्राम चिकन दिया जाता है। वैसे रेस्क्यू सेंटर के मेन्यू में एक दिन चिकन, दूसरे दिन मटन और तीसरे दिन भैंसा है। लेकिन, इन दोनों को अभी मुलायम भोजन के रूप में चिकन ही दिया जाता है। दोनों को रैबीज के इंजेक्शन भी लगे हुए हैं। फिलहाल इन्हें कोई बीमारी नहीं है।

रानी हो चुकी है 23 साल की वृद्ध

चिड़ियाघर में पहले से ही एक मादा गुलदार मौजूद है। इसका नाम रानी है। लेकिन, वर्तमान में वह करीब 23 साल की हो चुकी है। आमतौर पर गुलदार की उम्र करीब 20 वर्ष तक रहती है। वर्तमान में भी मादा गुलदार रानी को फिलहाल कोई दिक्कत नहीं है। वह केवल खाना अब पहले की अपेक्षा कम खाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed