बिजली गिरने से दो मकान ध्वस्त, आवाज सुनकर चार महिलाएं हुईं बेहोश
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कुमाऊं में सोमवार को बारिश ने फिर रफ्तार पकड़ ली। पिथौरागढ़ जिले के अस्कोट क्षेत्र के धौलाकोट, जमतड़ी, गुरमा गांव में रविवार रात बिजली गिरने से दो मकान ध्वस्त हो गए।
अधिकतर मकानों में दरारें आ गईं। सभी घरों की बिजली की लाइन जल गई। मीटर उखड़ गए। बिजली गिरते समय हुई तेज आवाज से चार महिलाएं बेहोश हो गईं।
कुछ स्थानों पर भारी तो कहीं रुक-रुक कर हल्की बारिश होती रही। पिथौरागढ़-तवाघाट, भवाली-अल्मोड़ा हाइवे मलबा आने से बाधित हुए, हालांकि इन्हें बाद में खोल दिया गया। पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले में भारी बारिश से पैदल पुल-रास्ते, पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं।
अस्कोट इलाके में बिजली गिरने से दो मकान ध्वस्त हो गए, चार महिलाएं बेहोश हो गईं। मंडल में 34 मोटर मार्गों पर अब भी यातायात ठप पड़ा हुआ है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि अगले 48 घंटों में राज्य के कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
मैदानी के निचले हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति हो सकती है। प्रशासनिक अधिकारियों को इस अवधि में लोगों को यात्रा न करने की सलाह देने को कहा गया है। भारी बारिश की संभावना देखते हुए बागेश्वर और अल्मोड़ा जिले में प्रशासन ने मंगलवार को 12वीं तक के स्कूल-कॉलेज बंद रखने के आदेश दिए हैं।
दिनभर बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
तराई में सोमवार उफान पर आई बैगुल नदी ने सितारगंज के प्रहलाद पल्सिया गांव की ओर रुख कर लिया है, जिससे गांव की आबादी को खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा नदी से गांव के किनारे करीब 150 मीटर लंबाई में भू-कटाव हुआ है।
खटीमा के गोसीकुआं में एक मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। नैनीताल में दिनभर बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। जिले में चार आंतरिक मार्गों पर सोमवार को भी यातायात शुरू नहीं हो सका।
भीमताल में खुटानी नाले के उफान पर बहने के कारण ब्लाक रोड नदी में तब्दील हो गई और सड़क किनारे स्थित दुकानों और घरों में पानी घुस गया। भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग में पाडली के पास एक घंटे मार्ग बंद रहा।
बागेश्वर जिले के पुड़कुनी गांव में भारी बारिश के चलते रविवार रात तीन पैदल पुल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा दो पुलों पर जाने वाले रास्ते दोनों तरफ से क्षतिग्रस्त हो गए।
गांव की तीन पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इधर, पहाड़ी दरकने से पिंडारी सड़क हरसीला के पास रात आठ से नौ बजे तक बंद रही। भनार गांव में एक जोड़ी बैल गधेरे में बह गए। इलाके में चार मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जिले में आठ मोटर मार्ग बंद पड़े हुए हैं।
आम का बाग भी तहस-नहस
बारिश से अस्कोट-ख्वांकोट पैदल रास्ते पर बिजौरा नाले पर बना पैदल पुल टूट गया है। पिथौरागढ़-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार रात 12 बजे लखनपुर के पास चट्टान टूटकर गिर गई। इस कारण इस मार्ग पर सोमवार की सुबह आठ बजे तक यातायात बंद रहा। जिले की10 सड़कें अभी बंद हैं।
अल्मोड़ा के सल्ट क्षेत्र में निर्माणाधीन मरचूला-भिकियासैंण सड़क का मलबा बंदार्ण के तोक अमोड़ी में घुस रहा है। रविवार रात एक व्यक्ति के घर में मलबा घुस गया। उसका आम का बाग भी तहस-नहस हो गया।
ग्राम पंचायत कुरचौन में शिव मंदिर में निर्मित भंडार कक्ष और पेयजल योजना ध्वस्त हो गई है। मंदिर में काफी मात्रा में मलबा गिरा है। चंपावत जिले में दोपहर बाद हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
12 ग्रामीण सड़कें मलबा पटा होने से बंद हैं। पूर्णागिरि धाम का पैदल रास्ता सिद्धमोड़ के पास दो स्थानों में पहाड़ी का मलबा गिरने से शनिवार की शाम से बंद है।
आपदा के लिहाज से संवेदनशील स्थानों की आठ दुकानों में से पांच को प्रशासन के निर्देश पर मंदिर समिति ने बंद करा दिया है। किरोड़ा के उफान से सोमवार को एक घंटे मोटर मार्ग भी अवरुद्ध रहा।