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Dehradun News: चरस तस्करी के 12 साल पुराने मामले में दो दोषियों को 10-10 वर्ष की सजा
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विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस नंदन सिंह की अदालत ने चरस तस्करी के 12 साल पुराने मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर एक-एक वर्ष अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
26 दिसंबर 2012 को विकासनगर पुलिस ने कार से चरस तस्करी कर रहे दो लोगों को गिरफ्तार किया था। हिमाचल प्रदेश के जुब्बल तहसील क्षेत्र के सोलंग गांव निवासी सामदास के पास से तीन किलोग्राम और त्यूणी तहसील क्षेत्र के डोरी गांव निवासी विजेंद्र के पास से एक किलोग्राम चरस मिली थी। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
अभियोजन और बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस नंदन सिंह की अदालत ने सामदास और विजेंद्र को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास के साथ एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भरने की सजा सुनाई।
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26 दिसंबर 2012 को विकासनगर पुलिस ने कार से चरस तस्करी कर रहे दो लोगों को गिरफ्तार किया था। हिमाचल प्रदेश के जुब्बल तहसील क्षेत्र के सोलंग गांव निवासी सामदास के पास से तीन किलोग्राम और त्यूणी तहसील क्षेत्र के डोरी गांव निवासी विजेंद्र के पास से एक किलोग्राम चरस मिली थी। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
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अभियोजन और बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस नंदन सिंह की अदालत ने सामदास और विजेंद्र को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास के साथ एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भरने की सजा सुनाई।
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