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यूरोप की सबसे ऊंची चोटी फतह करेंगी तुलिका
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 30 Mar 2016 12:40 PM IST
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यूरोप की सबसे ऊंची चोटी फतह करेंगी तुलिका
- फोटो : file photo
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माउंट किलिमंजारो, माउंट एवरेस्ट (6600 मी. तक), हिमाचल की वर्जिन पिक जैसी चोटियां फतह कर चुकीं तुलिका रानी यूरोप की सबसे ऊंची चोटी एलब्रूस फतह करने का अभियान शुरू करने जा रही हैं। लखनऊ की अलीगंज निवासी तुलिका 5642 मीटर ऊंची इस चोटी को सिर्फ अपने गाइड के साथ फतह करेंगी।
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मंगलवार को उत्तरकाशी रवाना होने से पहले अमर उजाला से विशेष बातचीत में उन्होंने अपने अनुभव साझा किए। एयरफोर्स में स्क्वाडर्न लीडर रहीं तुलिका ने बताया कि नौकरी में रहते हुए पर्वतारोहण के लिए ज्यादा वक्त नहीं मिल पाता था, इसलिए अब वह नौकरी त्यागकर अपना पूरा ध्यान अपने लक्ष्य पर लगा रही हैं।
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उन्होंने बताया कि वह अब तक दस चोटियां फतह कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि कैंप के अलावा जो भी चोटियां उन्होंने फतह की हैं उसमें वह अकेले ही अपने गाइड के साथ अभियान पूरा किया है।
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ये हैं उपलब्धियां
- माउंट किलिमंजारो (5671मी.) 27 जुलाई 2015 को किया फतह
- माउंट तोछल, इरान 3965 मी. ऊंची इस चोटी को 23 जुलाई 2015 को किया फतह
- हिमाचल प्रदेश की बेनाम चोटी वर्जिन पिक को 27 अगस्त 2014 को किया फतह
- माउंट एवरेस्ट 8848 मीटर ऊंची चोटी को अप्रैल-मई 2011 में 6600 मीटर तक फतह
- विंटर ट्रेनिंग कैंप जनवरी 2011 में सियाचिन ग्लेशियर 3750 मीटर, माउंट ससेर कांगरी, लेह 7672 मीटर को 6950 मीटर
तक फतह
- माउंट कामेट 7757 मीटर को अप्रैल 2010 में 6520 मीटर तक किया फतह
- विंटर ट्रेनिंग कैंप सियाचिन ग्लेशियर, माउंट भागीरथी द्वितीय 6137 मीटर लेह को जुलाई-अगस्त 2009 में किया फतह
अमर उजाला फाउंडेशन का अदा किया सुक्रिया
तुलिका ने अपने कॅरियर और जुनून को पूरा करने में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से दी गई मदद का बहुत-बहुत धन्यवाद दिया है। मंगलवार को उन्होंने कहा कि पर्वतारोहण बहुत खर्चीला खेल है। अमर उजाला फाउंडेशन ने उनका बहुत सपोर्ट किया। अगर अमर उजाला सपोर्ट न करता तो शायद ही वह यह सब उपलब्धियां हासिल कर पातीं।