बदरीधाम के पुजारी पर आरोप लगाने वाली महिला का 'सच'
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अपनी महिला भक्त से दिल्ली के होटल में छेड़छाड़ के आरोप में बदरीनाथ धाम के मुख्य रावल (पुजारी) केशवन नंबूदरी को पुलिस ने मंगलवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया। रावल को भारी सुरक्षा के बीच साकेत कोर्ट में पेश किया गया।
सहायक पर भी आरोप
कोर्ट ने उन्हें और उनके सहायक को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पीड़ित महिला ने महरौली पुलिस से रावल और उसके सहायक पर छेड़छाड़ की शिकायत की थी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने रावल वी केशवन नंबूदरी को महानगर दंडाधिकारी श्रेया अरोड़ा मेहता की कोर्ट में पेश किया।
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मजिस्ट्रेट ने अपने चैंबर में सुनवाई के बाद नंबूदरी और उसके सहायक विष्णु प्रसाद प्रधान को 18 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ महिला को बंधक बनाने और छेड़छाड़ संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
ये है आरोप लगाने वाली महिला का 'सच'
बदरीनाथ धाम के रावल (मुख्य पुजारी) पर छेड़छाड़ का आरोप लगाने वाली महिला का धाम में होटल है। बताया जाता है कि इस महिला की पिछले वर्ष ही शादी हुई थी।
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विवाह के बाद बदरीनाथ धाम पहुंचने पर इस महिला ने बदरी-केदार मंदिर समिति के पदाधिकारियों और पुजारियों को गिफ्ट भी भेंट किए थे। वह यात्राकाल में हर दिन रावल वी केशवन नंबूदरी के यहां मत्था टेकने पहुंचती थी।
परंपरा के अनुसार सौंपा जाता है पूजा का जिम्मा
इधर बदरी-केदार मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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बदरीनाथ धाम में आचार्य ब्राह्मणों से सलाह मशविरा कर परंपरा के अनुसार नायब रावल ईश्वर नंबूदरी को बदरीनाथ की पूजा-अर्चना का जिम्मा सौंपा जाएगा।
मालूम हो कि वर्ष 2010 में बदरी प्रसाद नंबूदरी के अस्वस्थ होने के बाद नायब रावल वी केशवन नंबूदरी को रावल का जिम्मा सौंपा गया था। वर्तमान में ईश्वर नंबूदरी नायब रावल हैं। परंपरा के अनुसार अब नायब रावल को ही रावल घोषित किया जा सकता है।
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मामला जैसे ही मेरे संज्ञान में आया, मेरे पांव तले की जमीन खिसक गई। मैं इस मामले को न सुन पा रहा हूं, न कुछ बोलने की स्थिति में हूं। मैंने रावल का स्वभाव देखा है। हो सकता है उन्हें फंसाया जा रहा हो। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
- भुवन चंद्र उनियाल, धर्माधिकारी, बदरीनाथ धाम
कहीं यह बदनाम करने की साजिश तो नहीं
विभिन्न संगठनों ने बदरीनाथ के रावल (मुख्य पुजारी) वी केशवन नंबूदरी को जानबूझकर फंसाने का आरोप लगाया है। मांग उठाई गई कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
तत्काल धाम से अलग किया जाना चाहिए
भाजयुमो के मीडिया प्रभारी नवल खाली ने कहा कि यह सनातन धर्म को बदनाम करने की साजिश है। साहित्यकार लक्ष्मी प्रसाद मालगुड़ी और चंद्रबल्लभ पुरोहित ने कहा कि रावल बदरीनाथ के प्रतिनिधि होते हैं।
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यदि उन पर आरोप सिद्ध होते हैं तो ऐसे लोगों को तत्काल धाम से अलग किया जाना चाहिए। बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष अनुसूया प्रसाद भट्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह साजिश प्रतीत होती है। रावल केशवन नंबूदरी अंतर्मुखी व्यक्ति हैं।
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उनका स्वभाव भी मृदुल है। इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। आचार्य अनुसूया प्रसाद नौटियाल ने कहा कि बदरीनाथ धाम सर्वश्रेष्ठ धाम है।
आरोप की जांच होनी जरूरी
आदिकाल से ही यहां रावल पूजा-अर्चना का जिम्मा संभाले हुए है। रावल पर लगाए गए आरोप की जांच होनी जरूरी है। यह घटना देवभूमि को स्तब्ध करने वाली है।
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जोशीमठ के पूर्व पालिका अध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती का कहना है कि यह मामला सनातन धर्म को कलंकित करने वाला है। रावल शांत स्वभाव के हैं। वे यात्राकाल के दौरान छह माह तक बदरीनाथ की सेवा में लगे रहते थे। मामले की गहराई से जांच हो।
आदि गुरु शंकराचार्य के वंशज माने जाते हैं रावल
बदरीनाथ धाम में पूजा-अर्चना का जिम्मा दक्षिण भारत के रावल संभालते आ रहे हैं। इन्हें शंकराचार्य का वंशज कहा जाता है। कहते हैं कि आदिकाल में शंकराचार्य ने ही नंबूदरी वंशज को बदरीनाथ धाम में पूजा-अर्चना का जिम्मा सौंपा था।
ताउम्र ब्रह्मचर्य का पालन
रावल ताउम्र ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं। कपाट खुलने के साथ ही रावल भी बदरीनाथ पहुंचकर छह माह तक के लिए पूजा-अर्चना का जिम्मा संभाल लेते हैं।
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माना जाता है कि श्री बदरीनाथ धाम में ईसा से 500 साल पहले से रावल द्वारा पूजा-अर्चना कराने की परंपरा चली आ रही है जिसका आज भी निर्वहन किया जा रहा है। बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी रावल के मुख्य सलाहकार (धार्मिक) होते हैं। वे भी छह माह तक धार्मिक अनुष्ठानों में लीन रहते हैं।
जन्मजात जनेऊ वाले होते थे रावल
मान्यता है कि पहले श्री बदरीनाथ धाम के मुख्य पुजारी वही होते थे, जिनके गले में जन्म से ही जनेऊ की आकृति उभरी होती थी।
श्री बदरीनाथ धाम में ये थे पूर्व के रावल
रावल श्री बदरीनाथ जी की पूजा में होने वाली दक्षिणा ही ग्रहण करते हैं। वे मंदिर समिति के वेतनभोगी नहीं होते हैं। वर्तमान में केशवन नंबूदरी रावल हैं।
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इनसे पहले बदरी प्रसाद नंबूदरी, विष्णु नंबूदरी, श्रीधरन नंबूदरी, नारायणन नंबूदरी, गणपति नंबूदरी बदरीनाथ के रावल रह चुके हैं। रावल का कार्यकाल पांच साल तक होता है।
पुलिस ने नहीं मांगा रिमांड
पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगने के बजाय न्यायिक हिरासत में भेजने का आग्रह किया। अधिकारी ने पूछने पर बताया कि पुजारी और उसके साथी से पूछताछ हो चुकी है।
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उनका मेडिकल हो चुका है, खून के सैंपल ले लिए गए हैं। इसलिए पुलिस रिमांड नहीं मांगा गया है।