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पुल पर धंसा ट्रक का पहिया
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जर्जर हो चुके चांदनी पुल से भारी वाहनों की आवाजाही बेरोकटोक जारी है। बृहस्पतिवार की रात तीन बजे सेब से लदे ट्रक का पहिया पुल पर धंस गया। पुल पर ट्रक के फंसने से आवाजाही ठप हो गई।
शुक्रवार 11 बजे जेसीबी से ट्रक को निकाला जा सका। तब जाकर छोटे वाहनों के लिए आवाजाही शुरू हो सकी। ट्रक के धंसने से पुल को भी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल वर्षों पुराना है। बावजूद इसके पुल पर लगातार ओवरलोड वाहनों की आवाजाही जारी है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कई बार पुल की मरम्मत की मांग की जा चुकी है। ट्रक के फंसे होने की वजह से वाहनों को चकराता- त्यूनी नेशनल हाईवे और मोरी- पुरोला मार्ग होते हुए गंतव्य के लिए जाना पड़ा। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग खंड देहरादून के एसडीओ अमित वर्मा ने बताया कि पुल वर्ष 1995 में बना है।2015 से पूर्व तक यह खंड बड़कोट के अधीन था। वर्ष 2015 में देहरादून खंड को स्थानांतरित किया गया। उन्होंने बताया कि भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए थानाध्यक्ष त्यूनी के साथ ही जिलाधिकारी देहरादून और जिलाधिकारी उत्तरकाशी को पत्र लिखा गया है।
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शुक्रवार 11 बजे जेसीबी से ट्रक को निकाला जा सका। तब जाकर छोटे वाहनों के लिए आवाजाही शुरू हो सकी। ट्रक के धंसने से पुल को भी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल वर्षों पुराना है। बावजूद इसके पुल पर लगातार ओवरलोड वाहनों की आवाजाही जारी है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कई बार पुल की मरम्मत की मांग की जा चुकी है। ट्रक के फंसे होने की वजह से वाहनों को चकराता- त्यूनी नेशनल हाईवे और मोरी- पुरोला मार्ग होते हुए गंतव्य के लिए जाना पड़ा। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग खंड देहरादून के एसडीओ अमित वर्मा ने बताया कि पुल वर्ष 1995 में बना है।2015 से पूर्व तक यह खंड बड़कोट के अधीन था। वर्ष 2015 में देहरादून खंड को स्थानांतरित किया गया। उन्होंने बताया कि भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए थानाध्यक्ष त्यूनी के साथ ही जिलाधिकारी देहरादून और जिलाधिकारी उत्तरकाशी को पत्र लिखा गया है।
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