{"_id":"5c3ffcb7bdec22737e6aefa6","slug":"trivendra-singh-rawat-on-dehradun-encroachment","type":"story","status":"publish","title_hn":"अतिक्रमण पर सरकार सख्त, कहा 'गली-मोहल्ले छेडे़ंगे नहीं, सड़कों पर छोडे़ंगे नहीं'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अतिक्रमण पर सरकार सख्त, कहा 'गली-मोहल्ले छेडे़ंगे नहीं, सड़कों पर छोडे़ंगे नहीं'
Thu, 17 Jan 2019 09:26 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 17 Jan 2019 09:26 AM IST
विज्ञापन
Trivendra Singh Rawat
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गली व मोहल्लों को सरकार छेडे़गी नहीं और यदि किसी ने सड़क पर निर्माण कर लिया है, तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा। उसका अतिक्रमण ध्वस्त होगा। ऐसे भवनों की कंपाउंडिंग की कोई सूरत ही नहीं होगी। अतिक्रमण से लेकर आवास नीति में आमूल चूल बदलाव जैसे विषयों पर सरकार ने बुधवार को अपना नजरिया एकदम साफ कर दिया।
विज्ञापन
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि आवास नीति में बदलाव के पीछे मंशा सिर्फ इतनी है कि दूरस्थ इलाकों के लिए भी विकास का रास्ता खुले। नगर विकास और आवास मंत्री मदन कौशिक ने एक कदम और आगे बढ़कर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आवास नीति में बदलाव और अतिक्रमण विरोधी अभियान दो अलग-अलग चीजें हैं। नगर निकायों के मेयर और अध्यक्षों की कार्यशाला के मौके पर बुधवार को अतिक्रमण और आवास नीति में बदलाव के विषय अलग-अलग ढंग से उठे।
विज्ञापन
कार्यशाला के दौरान मीडिया की तरफ से सीएम के सामने सवाल उठा कि एक तरफ अतिक्रमण हटाओ अभियान चला कर कई भवन ध्वस्त कर दिए गए हैं, जबकि अब कई अवैध भवन नियमित किए जा रहे हैं। इसके जवाब में सीएम ने कहा कि आवास नीति में सालों से ऐसे नियम प्रचलन में थे, जो कि विकास के रास्ते में अवरोध पैदा कर रहे थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पर्वतीय और दूरस्थ इलाकों में इस बदलाव के बाद विकास के नए रास्ते खुलेंगे। नगर विकास और आवास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि वन टाइम सेटलमेंट योजना से जमा होने वाले राजस्व के 75 फीसदी हिस्से को पार्किंग और अन्य सामुदायिक गतिविधियों में खर्च करने के निर्देश प्राधिकरणों को दिए गए हैं। इसलिए निकायों को इस अभियान में अपनी भूमिका सुनिश्चित करनी चाहिए।