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उत्तराखंड: त्रिवेंद्र सरकार के बजट 2019-20 में प्रधानमंत्री मोदी की छाप, जानिए क्या रहा खास

Tue, 19 Feb 2019 08:37 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 19 Feb 2019 08:37 AM IST
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सोमवार को पेश हुए त्रिवेंद्र सरकार के बजट में प्रधानमंत्री मोदी का छाप दिखी। जानिया क्या रहा बजट में खास।  वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने सोमवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 48663.90 करोड़ रुपये का सरप्लस बजट पेश किया। शहीदों के सम्मान में संपूर्ण कार्यवाही की स्थगित करने की मांग को लेकर विपक्ष से सदन से गैरहाजिर रहा।

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विपक्ष की अनुपस्थिति में पंत ने अपना बजट भाषण पढ़ा।  लेकिन अभी उनका भाषण पूरा भी नहीं हुआ था कि उनकी तबीयत बिगड़ गई और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भाषण पूरा करना पड़ा। बाद में वित्त मंत्री ने पत्रकार वार्ता कर बजट में सरकार की प्राथमिकता गिनाई। उन्होंने बताया कि गत वर्ष की तुलना में बजट में सात फीसदी की वृद्धि का अनुमान है।
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तीन साल में पहली बार त्रिवेंद्र सरकार का यह सरप्लस बजट है। यानी सरकार ने खर्च की तुलना में ज्यादा कमाई का अनुमान लगाया है। वित्तीय वर्ष में सरकार ने 48679.43 करोड़ रुपये की आय अर्जित करने की संभावना जताई है। यानी उसे 22.79 करोड़ रुपये का राजस्व सरप्लस प्राप्त होगा। बजट में कोई राजस्व घाटा अनुमानित नहीं है।
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किसानों और खेती को खास तरजीह

वित्तीय वर्ष में राजकोषीय घाटा 6798.16 करोड़ है। सरकार का दावा है कि राजकोषीय घाटा उत्तराखंड उत्तदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम की सीमा के अंदर है। कर मुक्त बजट में सरकार ने केंद्र की मोदी सरकार के अंतरिम बजट की तर्ज पर किसानों और खेती को खास तरजीह दी है।

बजट में कृषि क्षेत्र से जुड़ी केंद्रीय योजनाओं का विशेष उल्लेख किया गया है। बजट में सरकार ने नई योजनाओं या घोषणाएं करने के बजाय पिछले कुछ महीनों में घोषित योजनाओं और कार्यक्रमों पर फोकस किया और उन्हीं में वित्तीय प्रावधान किए हैं।

वेतन पेंशन का खर्च 20,456 करोड़ पहुंचा

कृषि के अलावा ग्रामीण एवं नगरीय विकास आवास एवं शहरी विकास को भी बजट में महत्व दिया गया है उनके बजट में वृद्धि की गई है। गैर योजना और योजना के स्थान पर बजट की नई व्यवस्था के तहत राजस्व लेखा व्यय 38932.70 करोड़ और पूंजी लेखा व्यय 9731.20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

कुल बजट का 42 फीसदी धनराशि सरकार वेतन, पेंशन और सेवानिवृत्ति के दौरान के प्रावधानों पर करेगी। बजट में वित्तीय वर्ष के दौरान कर्मचारियों के वेतन-भत्तों के लिए 14513.79 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जबकि पेंशन व अन्य सेवानिवृत्तिक लाभों के लिए 5842.69 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

रुपया आता है

मद                        प्रतिशत
स्वयं का कर राजस्व-30.18
करेत्तर राजस्व 8.71
केंद्रीय करों में राज्यांश 18.20
केंद्र सरकार से सहायता अनुदान 22.69
लोक लेखा शुद्ध 0.31
ऋणों एवं अग्रिम वसूली 0.07
लोक ऋण 19.84

रुपया जाता है
वेतन भत्ते मजदूरी- 31.15
निवेश ऋण 6.88
सहायक अनुदान, अंशदान व राज सहायता 13.16
ब्याज /लाभांश    10.96
अन्य व्यय     13.11
पेंशन            12.36
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