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नए साल पर त्रिवेंद्र कैबिनेट को मिलेंगे दो नए मंत्री, चेहरों पर चर्चा शुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 30 Dec 2017 04:21 PM IST
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trivendra singh rawat
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नए साल पर त्रिवेंद्र कैबिनेट में दो नए मंत्री शामिल होंगे। फिलहाल अभी नाम सामने नहीं आए है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा शुरू हो गई है।
राज्य मंत्रिमंडल में रिक्त पड़े दो पदों पर नए साल के शुरुआती पखवाड़े में ताजपोशी होगी। मंत्रीमंडल में विस्तार के साथ ही कुछ मंत्रियों को प्रमोशन मिलने की भी उम्मीद है। बहराल यह देखना दिलचस्प होगी आखिर वो दो नए चेहरे कौन होंगे, जिन्हें त्रिवेंद्र कैबिनेट में जगह मिलेगी।
मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत दस सदस्य हैं। मंत्रिमंडल विस्तार की सहमति बन गयी है, लेकिन क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बनाने की मशक्क्त अभी जारी है। मंत्रिमंडल में गढ़वाल का पलड़ा भारी है और कुमाऊं के विधायको को उम्मीद है कि इस बार उनकी उपेक्षा नहीं होगी।
त्रिवेंद्र कैबिनेट में सतपाल महाराज , प्रकाश पंत, हरक सिंह रावत , मदन कौशिक , यशपाल आर्य, अरविन्द पांडेय, सुबोध उनियाल, रेखा आर्य, धनसिंह रावत अभी शामिल है।
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राज्य मंत्रिमंडल में रिक्त पड़े दो पदों पर नए साल के शुरुआती पखवाड़े में ताजपोशी होगी। मंत्रीमंडल में विस्तार के साथ ही कुछ मंत्रियों को प्रमोशन मिलने की भी उम्मीद है। बहराल यह देखना दिलचस्प होगी आखिर वो दो नए चेहरे कौन होंगे, जिन्हें त्रिवेंद्र कैबिनेट में जगह मिलेगी।
मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत दस सदस्य हैं। मंत्रिमंडल विस्तार की सहमति बन गयी है, लेकिन क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बनाने की मशक्क्त अभी जारी है। मंत्रिमंडल में गढ़वाल का पलड़ा भारी है और कुमाऊं के विधायको को उम्मीद है कि इस बार उनकी उपेक्षा नहीं होगी।
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त्रिवेंद्र कैबिनेट में सतपाल महाराज , प्रकाश पंत, हरक सिंह रावत , मदन कौशिक , यशपाल आर्य, अरविन्द पांडेय, सुबोध उनियाल, रेखा आर्य, धनसिंह रावत अभी शामिल है।
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भाजपा के रणनीतिकार उलझे, किसे मिलेगी जगह
trivendra singh rawat
दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री के अलावा सतपाल महाराज, हरक सिंह रावत और धन सिंह रावत चारों ठाकुर बिरादरी से ताल्लुक रखते हैं और चारो मूलत: पौड़ी जिले के रहने वाले है। भले ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत डोईवाला से विधायक हो लेकिन वह पौड़ी जिले के रहने वाले है।
इसलिए भाजपा के रणनीतिकार इसी घमासान में उलझे है कि क्या तरकीब निकली जाय कि मंत्रिमंडल जाय और नाराजगी भी ना हो। क्योंकि गढ़वाल के पहाड़ से किसी ब्राह्मण को, हरिद्वार से किसी अन्य पिछड़ा वर्ग के विधायक को और कुमाऊं से किसी ठाकुर विधायक को मंत्रिमंडल में जगह दिए जाने के दबाव पार्टी के भीतर बढ़ता जा रहा है।
अब यह संभावित विस्तार मंत्रिमंडल में कितना संतुलन बनाएगा यह तो समय ही बताएगा, लेकिन दावेदारों ने अपनी लॉबिंग शुरू कर दी है। किसके अरमान लुटेंगे और किसकी हसरत पूरी होगी, यह विस्तार के बाद ही समझ में आएगा।
इसके अलावा गढ़वाल से ही सुबोध उनियाल भी कैबिनेट मंत्री है। हरिद्वार से मदन कौशिक भी कैबिनेट में है। इस लिहाज से मुख्यमंत्री समेत कैबिनेट की छह सीट और विधानसभाध्यक्ष गढ़वाल के पास है, जबकि कुमाऊं के पास चार पद हैं जिनमे यशपाल आर्य, प्रकाश पंत, अरविन्द पांडेय कैबिनेट मंत्री और रेखा आर्य राजयमंत्री है।
कुल मिलकर मंत्रिमंडल में सीएम समेत चार ठाकुर, कौशिक व पंत, उनियाल व पांडेय चार ब्राह्मण और अनुसूचित जाति से दो यशपाल आर्य और रेखा आर्य मंत्री है। जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग से एक भी मंत्री नहीं है।
इसलिए भाजपा के रणनीतिकार इसी घमासान में उलझे है कि क्या तरकीब निकली जाय कि मंत्रिमंडल जाय और नाराजगी भी ना हो। क्योंकि गढ़वाल के पहाड़ से किसी ब्राह्मण को, हरिद्वार से किसी अन्य पिछड़ा वर्ग के विधायक को और कुमाऊं से किसी ठाकुर विधायक को मंत्रिमंडल में जगह दिए जाने के दबाव पार्टी के भीतर बढ़ता जा रहा है।
अब यह संभावित विस्तार मंत्रिमंडल में कितना संतुलन बनाएगा यह तो समय ही बताएगा, लेकिन दावेदारों ने अपनी लॉबिंग शुरू कर दी है। किसके अरमान लुटेंगे और किसकी हसरत पूरी होगी, यह विस्तार के बाद ही समझ में आएगा।
इसके अलावा गढ़वाल से ही सुबोध उनियाल भी कैबिनेट मंत्री है। हरिद्वार से मदन कौशिक भी कैबिनेट में है। इस लिहाज से मुख्यमंत्री समेत कैबिनेट की छह सीट और विधानसभाध्यक्ष गढ़वाल के पास है, जबकि कुमाऊं के पास चार पद हैं जिनमे यशपाल आर्य, प्रकाश पंत, अरविन्द पांडेय कैबिनेट मंत्री और रेखा आर्य राजयमंत्री है।
कुल मिलकर मंत्रिमंडल में सीएम समेत चार ठाकुर, कौशिक व पंत, उनियाल व पांडेय चार ब्राह्मण और अनुसूचित जाति से दो यशपाल आर्य और रेखा आर्य मंत्री है। जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग से एक भी मंत्री नहीं है।