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फिल्लौरा दिवस का कार्यक्रम गोर्खाली सुधार सभा में आयोजित किया
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5/9गोरखा राइफल्स कांछी पलटन के फिलौरा के पूर्व सैनिकों ने रविवार को गोरखाली सुधार सभा में फिलौरा दिवस मनाते हुए शहीद सैनिकों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर सीनियर सिटीजन को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गोरखाली सुधार सभा के अध्यक्ष आनरेरी कप्तान भरत सिंह थापा ने किया। भूतपूर्व सैनिकों नायब सूबेदार शेर बहादुर क्षेत्री और आनरेरी नायब सूबेदार देवेंद्र सिंह खत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इस मौके पर भरत सिंह थापा ने कहा कि 1965 के भारत-पाक युद्ध में गोरखा राइफल्स के कांछी पलटन को शामिल होने का मौका मिला। कहा कि पाकिस्तान के सियालकोट सेक्टर में पलटन ने छह दिनों तक चले युद्ध में दुश्मनों के 16 टैंक को नेस्तनाबूद करते हुए भारी नुकसान पहुंचाया।
इसके साथ ही 11 सितंबर 1965 को युद्ध करते हुए फिलौरा पुलिस स्टेशन समेत पूरे फिलौरा में फतह हासिल किया। इस युद्ध में यूनिट के 30 जवान शहीद और 86 जवान घायल हो गए थे। पलटन के इस साहस और वीरता के लिए भारत सरकार ने गोरखा राइफल्स की पांचवीं बटालियन कांछी पलटन को फिलौरा बैटल हॉनर से सम्मानित किया। इस मौके पर ब्रिगेडियर अमित कुमार चटर्जी, कर्नल संजय खत्री, कर्नल किशन खत्री, मेजर राजेंद्र मल्ल, प्रदीप कुमार छेत्री, मोहन सिंह बिष्ट, सेनापति सावन आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ गोरखाली सुधार सभा के अध्यक्ष आनरेरी कप्तान भरत सिंह थापा ने किया। भूतपूर्व सैनिकों नायब सूबेदार शेर बहादुर क्षेत्री और आनरेरी नायब सूबेदार देवेंद्र सिंह खत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इस मौके पर भरत सिंह थापा ने कहा कि 1965 के भारत-पाक युद्ध में गोरखा राइफल्स के कांछी पलटन को शामिल होने का मौका मिला। कहा कि पाकिस्तान के सियालकोट सेक्टर में पलटन ने छह दिनों तक चले युद्ध में दुश्मनों के 16 टैंक को नेस्तनाबूद करते हुए भारी नुकसान पहुंचाया।
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इसके साथ ही 11 सितंबर 1965 को युद्ध करते हुए फिलौरा पुलिस स्टेशन समेत पूरे फिलौरा में फतह हासिल किया। इस युद्ध में यूनिट के 30 जवान शहीद और 86 जवान घायल हो गए थे। पलटन के इस साहस और वीरता के लिए भारत सरकार ने गोरखा राइफल्स की पांचवीं बटालियन कांछी पलटन को फिलौरा बैटल हॉनर से सम्मानित किया। इस मौके पर ब्रिगेडियर अमित कुमार चटर्जी, कर्नल संजय खत्री, कर्नल किशन खत्री, मेजर राजेंद्र मल्ल, प्रदीप कुमार छेत्री, मोहन सिंह बिष्ट, सेनापति सावन आदि मौजूद रहे।
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