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रद्द किए जाएं उपनलकर्मियों के स्थानांतरण
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देहरादून। ऊर्जा के तीनों निगमों में किए जा रहे उपनलकर्मियों के स्थानांतरण पर उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन ने आक्रोश व्यक्त किया है। ऊर्जा भवन में मंगलवार को हुई बैठक में पदाधिकारियों ने इस कोर्ट के आदेशों की अवमानना बताते हुए ट्रांसफर रद्द करने की मांग की है।
संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद कवि का कहना है कि ऊर्जा निगम उपनलकर्मियों का नियमितीकरण कर रहा और न ही समान कार्य का समान वेतन दे रहा है। इसके इतर प्रबंधन संविदाकर्मियों का ट्रांसफर कर उत्पीड़न कर रहा है। जो कोर्ट की अवमानना के साथ ही सरकार के नियमों के भी खिलाफ है। इसलिए प्रबंधन को कर्मियों का स्थानांतरण तुरंत रद्द कर देना चाहिए। इस दौरान विनोद कवि ने जूनियर इंजीनियरों के आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की और नियमित डाटा इंट्री ऑपरेटरों का वेतन कम करने के आदेश को निरस्त करने की मांग की। बैठक में अनिल नौटियाल, घनश्याम शर्मा, रविंद्र राणा, सतेंद्र नेगी, वंदना नेगी, शीला आदि मौजूद रहीं।
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संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद कवि का कहना है कि ऊर्जा निगम उपनलकर्मियों का नियमितीकरण कर रहा और न ही समान कार्य का समान वेतन दे रहा है। इसके इतर प्रबंधन संविदाकर्मियों का ट्रांसफर कर उत्पीड़न कर रहा है। जो कोर्ट की अवमानना के साथ ही सरकार के नियमों के भी खिलाफ है। इसलिए प्रबंधन को कर्मियों का स्थानांतरण तुरंत रद्द कर देना चाहिए। इस दौरान विनोद कवि ने जूनियर इंजीनियरों के आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की और नियमित डाटा इंट्री ऑपरेटरों का वेतन कम करने के आदेश को निरस्त करने की मांग की। बैठक में अनिल नौटियाल, घनश्याम शर्मा, रविंद्र राणा, सतेंद्र नेगी, वंदना नेगी, शीला आदि मौजूद रहीं।
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