सड़क पर पलटा ट्रक, 14 घंटे यातायात ठप
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देहरादून जिले में त्यूनी के जगाधरी-पांवटा-राजवन-रोहडू राष्ट्रीय राजमार्ग पर सरनाड पानी के पास रविवार रात करीब नौ बजे सेब से लदा ट्रक पलट गया। इस वजह से सड़क के दोनों ओर करीब 2 किलोमीटर तक जाम लगा रहा।
सोमवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे (करीब 14 घंटे में) जेसीबी लगाकर यातायात बहाल किया जा सका। इस बीच सिरमौर, देहरादून और उत्तरकाशी का संपर्क कटा रहा। यात्रियों को वाहन में रात गुजारनी पड़ी।
स्थानीय लोग पैदल ही गंतव्य की ओर गए। त्यूनी निवासी नरेंद्र सिंह ने कहा उन्हें रोहड़ू जाना था लेकिन सरनाड पानी के पास रात गुजारनी पड़ी।
इसके साथ ही हरिद्वार-देहरादून मार्ग पर मोहकमपुर रेलवे फाटक के पास लोडेड ट्रक खराब होने से कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
ट्रक को हटाने में पुलिस को करीब एक घंटे का समय लग गया। जैसे-तैसे ट्रक को तो सड़क से हटा दिया गया, लेकिन जाम खुलने में करीब डेढ़ घंटा लग गया। सुबह करीब दस बजे डोईवाला की तरफ से आ रहे ट्रक का एक्सल मोहकमपुर रेलवे फाटक के पास टूट गया।
खली बड़ी क्रेन की कमी
वहां मौजूद पुलिस कर्मी चालक को ट्रक जल्द ठीक कराने की नसीहत देकर आगे चले गए। कुछ देर में जाम लगा तो पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस 10 टायरों वाला ट्रक को हटाने के लिए छोटी क्रेन लेकर आई, लेकिन बात नहीं बनी। तब तक हालात बिगड़ चुके थे।
फिर किसी तरह वाहनों के बीच से बड़ी क्रे न लाई गई। ट्रक हटाने के बाद वाहनों को एक-एक कर निकाला गया। भारी पुलिस बल लगाने के बावजूद हालात सामान्य होने में डेढ़ घंटे से अधिक का समय लगा। इस दौरान जोगीवाला से लेकर हर्रावाला की सीमा तक जाम लगा रहा।
यदि सड़क पर कोई वाहन खराब हो जाए तो उसे हटाने के लिए ट्रैफिक पुलिस के पास न तो संसाधन हैं और न ही कोई कार्ययोजना होती है। उसके पास बाइक उठाने के लिए दो छोटी क्रेन हैं।
हल्की कारों को उठाने के लिए भी इसी का इस्तेमाल किया जाता है। एसपी ट्रैफिक प्रदीप राय का कहना है कि भारी वाहनों को हटाने के लिए निजी क्रेन मंगाई जाती है। मोहकमपुर रेलवे फाटक के पास खराब हुए ट्रक को सड़क से हटाने में इसलिए समय लग गया।
धौंसपट्टी से चलाता है पुलिस का काम
सड़क पर किसी भारी वाहन के खराब होने की स्थिति में हैवी क्रेन और चालकों को प्रशिक्षण देने की कार्ययोजना मेरे कार्यकाल में बनी थी, लेकिन उस पर अमल नहीं हो सका। पुलिस के पास तो संसाधन है नहीं और न ही प्राइवेट कंपनी को हायर करने की व्यवस्था है।
पुलिस धौंसपट्टी से प्राइवेट क्रेन की व्यवस्था करती है, जिसमें देरी स्वाभाविक है। विदेशों में भुगतान पर प्राइवेट कंपनी की मदद ली जाती है। यातायात के बढ़ते दबाव के चलते सूबे में इस तरह की व्यवस्था होनी चाहिए।
- जेएस पांडेय, सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक
ओवरब्रिज की जरूरत
जाम के दौरान ट्रेनों की आवाजाही के लिए दो बार रेलवे फाटक बंद होने से परेशानी और बढ़ गई। मोहकमपुर रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज होता तो लोगों को इतनी परेशानी नहीं होती। इस हाइवे पर यातायात का भारी दबाव रहता है।
यही वजह है कि यहां पर ओवरब्रिज बनना प्रस्तावित भी है। पिछले दिनों एक कंपनी ने कार्य भी शुरू किया था लेकिन फिर उसने काम समेट लिया। अब ओवरब्रिज कब बनेगा कहा नहीं जा सकता। जाम में फंसे करनपुर निवासी अनिल रतूड़ी ने बताया कि इस रूट पर जाम आम बात है।