जीएसटी के विरोध में उत्तराखंड के व्यापारी, गढ़वाल से लेकर कुमाउं के बाजार बंद
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एक जुलाई से लागू होने वाले वस्तु एवं सेवा कर के विरोध में शुक्रवार का व्यापारी संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया गया है। देव भूमि उद्योग व्यापार मंडल, प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल, कांग्रेस उद्योग व्यापार प्रकोष्ठ और अन्य सामाजिक संगठनों ने भी भारत बंद को समर्थन दिया है।
व्यापारियों की मांग है कि जीएसटी में दूसरे राज्यों की तरह उत्तराखंड समेत पर्वतीय जिलों में न्यूनमत सीमा 20 लाख हो, मासिक रिटर्न की अनिवार्यता समाप्त कर त्रैमासिक हो, सरलीकरण किया जाए। वहीं केंद्र की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिलने पर सभी व्यापार मंडल व सामाजिक संगठनों ने बंद का समर्थन किया है।
इधर, कुमाऊं की आर्थिक राजधानी हल्द्वानी में रेलवे बाजार, नया बाजार, पटेल चौक, मुख्य बाजार समेत सभी बाजारों में दुकानें बंद हैं। व्यापारी केंद्र के इस जबरन थोपे जा रहे टैक्स के विरोध में धरना प्रदर्शन किया।
देहरादून और गढ़वाल में भी बाजार बंद
इधर युवा जाटव समाज एकता अंबेडकर मिशन ने भी व्यापार हित में भारत बंद को समर्थन किया है। वहीं भारत बंद में उतरे देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल की ट्रांसपोर्ट इकाई ने जीएसटी को व्यापारी हित का बताते हुए बंद करने से इन्कार कर दिया है।
देहरादून की बात करें तो कपड़ा व्यापारियों ने जीएसटी का विरोध करते हुए बाजार बंद रखा। वहीं, गढ़वाल के भी कई हिस्सों में व्यापारियों ने जीएसटी के खिलाफ अपनी दुकानें नहीं खोली।